देश की खबरें | एनजीटी ने अलकनंदा नदी में प्रदूषण के संबंध तथ्यात्मक रिपोर्ट के लिए समिति गठित की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गंगा की दो ऊपरी धाराओं में से एक अलकनंदा नदी के बिना शोधित अपशिष्ट और ठोस कचरे की वजह से प्रदूषित होने का दावा करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट बनाने के एक समिति गठित की है।
नयी दिल्ली, 24 फरवरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गंगा की दो ऊपरी धाराओं में से एक अलकनंदा नदी के बिना शोधित अपशिष्ट और ठोस कचरे की वजह से प्रदूषित होने का दावा करने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट बनाने के एक समिति गठित की है।
याचिका में दावा किया गया है कि बद्रीनाथ में जल मल शोधन संयंत्र (एसटीपी) के ठीक से काम नहीं करने की वजह से बिना शोधन वाले सीवेज को नदी में बहाया जा रहा है, जिसकी वजह से प्रदूषण हो रहा है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि बद्रीनाथ धाम पर धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान अर्पित सामग्री सहित ठोस कचरा भी बिना वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करित किए सीधे नदी में बहाया जा रहा है।
पीठ के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और विशेषज्ञ सदस्य सेंथिल वेल ने कहा कि पर्यावरण को लेकर कई गंभीर सवाल उठे हैं, लेकिन आगे कोई कार्रवाई करने से पहले उचित होगा कि तथ्यात्मक रिपोर्ट प्राप्त की जाए।
पीठ ने इसके साथ ही एक संयुक्त समिति गठित की जिसमें राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी), स्वच्छ गंगा के राष्ट्रीय मिशन, केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु मंत्रालय के देहरादून के क्षेत्रीय कार्यालय और चमोली के जिलाधिकारी को सदस्य बनाया गया है।
एनजीटी ने समिति को निर्देश दिया है कि वह मौके पर जाकर प्रासंगिक जानकारी एकत्रित करे और दो महीने के भीतर तथ्यात्मक और कार्रवाई रिपोर्ट पीठ के समक्ष जमा करे।
अब इस मामले पर एनजीटी 28 अप्रैल को सुनवाई करेगा।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)