देश की खबरें | एनजीटी ने गांदरबल में निजी भूमि पर अवैध रूप से कचरा डालने के मामले की जांच के लिए समिति गठित की
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नयी दिल्ली, 28 अप्रैल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा निजी भूमि पर अवैध रूप से ठोस अपशिष्ट डालने से जुड़े मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की है। अधिकरण एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें आरोप लगाया गया है कि गांदरबल की नगरपालिका समिति और स्थानीय ग्रामीण विकास विभाग पिछले कई महीनों से शिकायतकर्ता की भूमि पर ठोस अपशिष्ट डाल रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने दावा किया कि उसकी भूमि तुलमुल्ला आर्द्रभूमि के पास स्थित है और सर्दियों के मौसम में प्रवासी पक्षियों से गुलजार रहती है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसकी भूमि का उपयोग कृषि और चारागाह के लिए किया जाता है।
एनजीटी के न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और अरुण कुमार त्यागी तथा विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने 25 अप्रैल को दिए आदेश में कहा कि याचिका में कुछ प्रासंगिक पहलुओं का खुलासा नहीं किया गया है, जिसमें आर्द्रभूमि और शिकायतकर्ता की भूमि के बीच की दूरी और क्या अनुमति लेकर कचरा डाला जा रहा था, शामिल है।
पीठ ने कहा, “याचिका में की गई शिकायत को स्थानीय स्तर पर संबंधित अधिकारियों द्वारा प्रभावी ढंग से निपटाया जा सकता है। तदनुसार, हम गांदरबल के उपायुक्त और जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति (जेएंडकेपीसीसी) की एक संयुक्त समिति गठित करते हैं।”
समिति को स्थल का दौरा करने और स्थिति की जांच करने का निर्देश दिया गया।
अधिकरण ने कहा, “अगर समिति को पता चलता है कि पर्यावरण कानूनों के तहत बनाए गए वैधानिक नियमों का उल्लंघन करते हुए संबंधित भूमि पर ठोस अपशिष्ट डाला जा रहा है, तो वह प्रभावी, निवारक, निषेधात्मक, दंडात्मक और उपचारात्मक कार्रवाई करेगी, जिसमें उल्लंघनकर्ता पर पर्यावरणीय मुआवजा लगाना भी शामिल हो सकता है।”
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