जरुरी जानकारी | एनएफसीएसएफ, आईएफजीई ने गन्ना आधारित जैव ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ (एनएफसीएसएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने देश में गन्ना आधारित जैव ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने में सहयोग करने के लिए भारतीय हरित ऊर्जा महासंघ (आईएफजीई) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल राष्ट्रीय सहकारी चीनी कारखाना महासंघ (एनएफसीएसएफ) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने देश में गन्ना आधारित जैव ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल प्रक्रियाओं को बढ़ावा देने में सहयोग करने के लिए भारतीय हरित ऊर्जा महासंघ (आईएफजीई) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर एनएफसीएसएफ के प्रबंध निदेशक (एमडी) प्रकाश नाइकनवरे और आईएफजीई जैव ऊर्जा समिति के चेयरमैन और प्राज इंडस्ट्रीज (जैव ऊर्जा) के अध्यक्ष अतुल मुले ने हस्ताक्षर किए।
एनएफसीएसएफ ने बयान में कहा कि सहयोग का उद्देश्य दोनों संगठनों की ताकत का लाभ उठाते हुए नवाचार, नीति वकालत और व्यावहारिक हरित ऊर्जा समाधानों को अपनाना है।
एमओयू की शर्तों के अनुसार, एनएफसीएसएफ हरित ऊर्जा के लिए गन्ने और इसके उप-उत्पादों के उपयोग और अनुप्रयोगों से संबंधित अपनी विशेषज्ञता एवं ज्ञान साझा करेगा। एनएफसीएसएफ अनुसंधान प्रकाशनों और रिपोर्टों तक पहुंच को सुगम तथा संयुक्त संवर्धन और नीति वकालत प्रयासों में भी सहयोग करेगा।
आईएफजीई भारत और विश्व स्तर पर गन्ना आधारित हरित ऊर्जा को सक्रिय रूप से बढ़ावा देगा, एनएफसीएसएफ के साथ साझेदारी में कार्यशालाओं और संगोष्ठियों जैसे ज्ञान-साझाकरण कार्यक्रमों का आयोजन करेगा, और नीति निर्माताओं और उद्योग के नेताओं के साथ अंशधारकों की सहभागिता को सुगम बनाएगा।
यह साझेदारी भारत के मजबूत चीनी उद्योग को इसकी तेजी से बढ़ती हरित ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के साथ एकीकृत करने में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के लिए एक स्वच्छ, अधिक पर्यावरण अनुकूल भविष्य में योगदान देगा।
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