लखनऊ, 21 दिसंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ नगर निकाय चुनाव के मुद्दे पर बृहस्पतिवार को भी सुनवाई करेगी क्योंकि बुधवार को इस मामले में सुनवाई पूरी नहीं हो सकी।
इस बीच, पीठ ने चुनाव कराने की अधिसूचना जारी करने पर लगी रोक आगे बढ़ा दी है।
न्यायमूर्ति डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति सौरभ लवनिया की पीठ ने नगर निकाय चुनाव में आरक्षण को लेकर दायर याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया। इन याचिकाओं में सरकार के रैपिड सर्वे के आधार पर तैयार ओबीसी आरक्षण को चुनौती दी गई है।
मुख्य याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉक्टर एलपी मिश्रा ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि राज्य को राजनीतिक पिछड़ापन के आधार पर ओबीसी की स्थिति का अध्ययन करने के लिए एक समर्पित आयोग का गठन करना चाहिए और इस आयोग की रिपोर्ट और अन्य दिशानिर्देशों के आधार पर ओबीसी कोटा तय करना चाहिए।
लेकिन सरकार ने यह नहीं किया और इसके बजाय एक रैपिड सर्वे कराया जिसने ओबीसी आबादी के सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर अपने रिपोर्ट प्रस्तुत की।
मिश्रा ने कहा, नगर निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण निर्धारित करने के लिए राज्य उच्चतम न्यायालय के आदेश का अनुपालन करने को बाध्य है और उसे ओबीसी आबादी के राजनीतिक पिछड़ेपन का अध्ययन करने के लिए एक समर्पित आयोग गठित करना होगा।
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