देश की खबरें | सरकार से मिला नया प्रस्ताव, समाधान की उम्मीद: किसान नेताओं ने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रदर्शनरत किसानों की शेष मांगों पर सरकार के साथ संवाद के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति ने बुधवार को कहा कि उसे केंद्र से एक नया मसौदा प्रस्ताव मिला है और उसे एक समाधान की उम्मीद है।

नयी दिल्ली, आठ दिसंबर प्रदर्शनरत किसानों की शेष मांगों पर सरकार के साथ संवाद के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा गठित पांच सदस्यीय समिति ने बुधवार को कहा कि उसे केंद्र से एक नया मसौदा प्रस्ताव मिला है और उसे एक समाधान की उम्मीद है।

समिति ने सरकार के नए प्रस्ताव पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय राजधानी में बैठक की।

यहां समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में किसान नेता युद्धवीर सिंह ने कहा कि उन्होंने केंद्र से मिले एक नए प्रस्ताव पर चर्चा की है।

सिंह ने कहा, ‘‘आज, पांच सदस्यीय समिति ने एक बैठक की। यह कल की बैठक के क्रम में थी। हमने सरकार से कुछ प्रश्न पूछे थे। आज हमें सरकार से एक संशोधित मसौदा मिला है। हमने नए प्रस्ताव पर विचार किया।’’

उन्होंने कहा कि समिति में हुई चर्चा और निष्कर्ष की जानकारी एसकेएम की बैठक में दी जाएगी, जो बुधवार शाम को हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर एसकेएम मंजूरी देता है, तो हम आगे बढ़ेंगे। अगर एसकेएम की बैठक में कोई समझौता नहीं होता है, तो हम आगे की चर्चा करेंगे।’’

सरकार के संशोधित मसौदा प्रस्ताव की सामग्री के बारे में पूछे जाने पर, सिंह ने कहा, ‘‘इस समय हमारे पास कहने के लिए बहुत कुछ नहीं है। हम आपको तब तक कुछ नहीं बताएंगे जब तक हम एसकेएम की बैठक में इस मामले पर चर्चा नहीं करते।’’

उन्होंने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की कि सरकार के प्रतिनिधि के साथ सीधी बैठक क्यों नहीं हुई?

एक अन्य किसान नेता गुरनाम सिंह चडूनी ने कहा, ‘‘सरकार के नए प्रस्ताव पर अंतिम फैसला सिंघू बॉर्डर पर एसकेएम की बैठक के दौरान लिया जाएगा।’’

एसकेएम का इस पर फैसला लेने के लिए बुधवार को सिंघू बॉर्डर प्रदर्शन स्थल पर एक अहम बैठक करने का कार्यक्रम है कि प्रदर्शनरत किसानों को सरकार के नए प्रस्ताव के बाद अपना आंदोलन खत्म कर देना चाहिए या नहीं।

एसकेएम ने मंगलवार को कहा था कि उसने आंदोलन को समाप्त करने का अनुरोध करने वाले सरकार के प्रस्ताव का जवाब दिया है, जिसमें कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसमें किसानों पर दर्ज ‘‘फर्जी’’ मामले वापस लेने के लिये पूर्व शर्त पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।

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