अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लगातार इस कदम की आलोचना कर रहे हैं और उन्होंने इसे रोकने के लिए मुकदमा करने की धमकी भी दी है।
डेमोक्रेट सिसोलक ने कहा, ‘‘ इस विधेयक के जरिए चुनाव अधिकारियों को इन अभूतपूर्व परिस्थितियों में सुलभ, सुरक्षित चुनाव कराने में मदद मिलेगी।’’
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नेवेदा के आलावा सात राज्य पहले ही कोरोना वायरस के मद्देनजर मतदाताओं को डाक मतपत्र भेजने की योजना बना चुके हैं।
ट्रंप का दावा है कि डाक मतदान से चुनाव की अखंडता प्रभावित हो सकती है हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा होने की आशंका बहुत ही कम है।
इसके तहत कोविड-19 महामारी के दौरान अमेरिकी नागरिक मतदान करने के लिए मतदान केंद्रों तक जाने और कतारों में लगने से बचने के लिए डाक से मतदान का विकल्प चुन सकते हैं।
ट्रम्प ने हालांकि इस कदम की काफी आलोचना की है।
व्हाइट हाउस में दोबारा पहुंचने की जद्दोजहद में लगे ट्रम्प ने दलील दी कि डाक से मतदान (मेल-इन वोटिंग) से चुनाव में गड़बड़ी हो सकती है।
ट्रम्प ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि उन्होंने मंगलवार को नेवेदा के खिलाफ मुकदमा करने का फैसला किया है।
उन्होंने डाक मतपत्र को अमेरिका के लिए एक बड़ी शर्मनाक बात करार दिया।
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