देश की खबरें | जबलपुर जेल बैरक में नेताजी स्मारक, रविवार को जनता के लिए खोला जाएगा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मध्यप्रदेश सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती के अवसर पर जबलपुर सेंट्रल जेल की एक बैरक को जनता के लिए खुला रखने की घोषणा की है। अंग्रेजी हुकूमत द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जबलपुर सेंट्रल जेल के इसी बैरक में नेताजी को छह माह तक रखा गया था।

भोपाल, 22 जनवरी मध्यप्रदेश सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती के अवसर पर जबलपुर सेंट्रल जेल की एक बैरक को जनता के लिए खुला रखने की घोषणा की है। अंग्रेजी हुकूमत द्वारा स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जबलपुर सेंट्रल जेल के इसी बैरक में नेताजी को छह माह तक रखा गया था।

इससे पहले शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के इंडिया गेट पर नेताजी की भव्य प्रतिमा लगाने की घोषणा की थी।

इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि इसी तरह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की कि जबलपुर केंद्रीय जेल के जिस बैरक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 1933-34 में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान छह महीने तक रखा गया था, वह रविवार को जनता के खोला जायेगा ।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह बैरक शनिवार और रविवार को सुबह दस बजे से दोपहर 2.30 बजे तक खुला रहेगा । इस स्थान को एक संग्रहालय का आकार दिया गया है जहां नेताजी द्वारा उपयोग की गई वस्तुएं जैसे उनके कपड़े, बेड़ियां, उनका हस्तलिखित पत्र, उनकी जेल यात्रा से संबंधित पत्र एवं शिलालेख रखे गए हैं। बैरक में लोगों के जाने के लिए एक अलग रास्ता बनाया गया है।’’

उन्होंने बताया कि दिल्ली के बाद बोस को समर्पित देश का यह दूसरा संग्रहालय होगा ।

मुख्यमंत्री चौहान भोपाल में बोस के नाम पर एक ओवरब्रिज का भी लोकार्पण करेंगे।

पिछले साल बैरकों का दौरा करते हुए चौहान ने घोषणा की थी कि वीर सावरकर के लिए अंडमान और निकोबार की सेलुलर जेल की तर्ज पर जबलपुर की बैरक को नेताजी के एक स्मारक के तौर पर बदला जाएगा। जबलपुर की सेंट्रल जेल का नाम 2007 में नेताजी के नाम पर रखा गया था।

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