जरुरी जानकारी | भारत के एनर्जी एक्सचेंज में अपनी अधिशेष बिजली नेपाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नेपाल अपनी अधिशेष बिजली भारत को प्रतिस्पर्धी दरों पर बेचेगा। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि भारत ने पड़ोसी देश को इंडियन पावर एक्सचेंज बाजार में अपनी बिजली के कारोबार की अनुमति दे दी है।

काठमांडू, तीन नवंबर नेपाल अपनी अधिशेष बिजली भारत को प्रतिस्पर्धी दरों पर बेचेगा। मीडिया की खबरों में कहा गया है कि भारत ने पड़ोसी देश को इंडियन पावर एक्सचेंज बाजार में अपनी बिजली के कारोबार की अनुमति दे दी है।

बिजली मंत्रालय के तहत आने वाले एनर्जी एक्सचेंज ने सोमवार को नेपाल को इसकी अनुमति दी। इसको लेकर नेपाल की ओर से काफी प्रयास किए गए थे। अब नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) अपनी अधिशेष बिजली को बेचने की स्थिति में है।

पहले चरण में 39 मेगावॉट बिजली के इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में कारोबार की अनुमति दी गई है। इसमें से 24 मेगावॉट का उत्पादन एनईए के स्वामित्व वाली त्रिशुली पनबिजली परियोजना और 15 मेगावॉट का देवीघाट बिजली घर में हुआ है। दोनों परियोजनाओं का विकास भारत के सहयोग से किया गया है।

एक रिपोर्ट में नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन और सिंचाई मंत्रालय के हवाले से कहा गया है, ‘‘भारत की मंजूरी के बाद दोनों देशों के बीच बिजली कारोबार एक नए चरण में प्रवेश कर गया है।’’

मंत्रालय के संयुक्त प्रवक्ता गोकर्ण राज पंथा ने कहा कि नेपाल विद्युत प्राधिकरण अब अपनी बिजली बेचने के लिए प्रतिदिन इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में नीलामी में भाग ले सकेगा।

‘द हिमालयन टाइम्स’ की खबर के अनुसार, एनईए मध्यरात्रि से 400 केवी की धालकेबर-मुजफ्फरपुर अंतर-देश पारेषण लाइन के जरिये बिजली का निर्यात शुरू करेगा। अभी तक इस पारेषण लाइन का इस्तेमाल बिजली लाने के लिए किया जाता था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में 456 मेगावॉट की अपर तामाकोशी हाइड्रोपावर परियोजना के पूरी तरह से परिचालन में आने के बाद नेपाल ऊर्जा अधिशेष वाला देश बन गया है।

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