विदेश की खबरें | नेपाली प्रधानमंत्री ने विमान हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने पोखरा शहर में यति एयरलाइन के विमान हादसे में मारे गए लोगों के शोक संतप्त परिवारों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की।
काठमांडू, 19 जनवरी नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने पोखरा शहर में यति एयरलाइन के विमान हादसे में मारे गए लोगों के शोक संतप्त परिवारों से बृहस्पतिवार को मुलाकात की।
प्रचंड पीड़ित परिवारों से मिलने त्रिभुवन विश्वविद्यालय प्रशिक्षण अस्पताल पहुंचे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने अस्पताल के अधिकारियों को वैज्ञानिक प्रक्रिया का उपयोग कर शवों की पहचान में तेजी लाने और शवों को जल्द से जल्द परिजनों को सौपने का निर्देश दिया।
प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, प्रधानमंत्री प्रचंड ने अस्पताल के अधिकारियों से कहा कि वे मृतकों की पहचान जल्दी पूरी करने के लिए सरकार से आवश्यक सहायता मांगें। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पहचान के लिए रखे गए शवों का भी निरीक्षण किया।
नेपाल की सबसे भीषण घरेलू विमान दुर्घटनाओं में से एक यह हादसा 15 जनवरी को हुआ जिसमें काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के बाद यति एयरलाइंस का एक विमान उतरने से से कुछ मिनट पहले ही पोखरा में पुराने हवाई अड्डे और नए हवाई अड्डे के बीच सेती नदी के तट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
दुर्घटना के दौरान विमान में 53 नेपाली यात्री और पांच भारतीयों सहित 15 विदेशी नागरिक और चालक दल के चार सदस्य सवार थे।
विमान में सवार सभी भारतीय उत्तर प्रदेश के थे जिनकी पहचान अभिषेक कुशवाहा (25), विशाल शर्मा (22), अनिल कुमार राजभर (27), सोनू जायसवाल (35) और संजय जायसवाल के रूप में हुई है।
हादसे में मारे गए 71 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं जबकि एक अन्य की तलाश जारी है।
नेपाली सेना के प्रवक्ता नारायण सिलवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को सेना ने राहत एवं खोज कार्य का विस्तार पड़ोसी जिलों नवलपरासी और चितवन जिलों के नदी क्षेत्रों तक किया।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, इसबीच, पोस्टमार्टम के बाद एक भारतीय नागरिक सहित 12 शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है।
उन्होंने बताया कि संजय जायसवाल का शव उनके परिजनों को सौंप दिया गया है, जो भारत लौट गए हैं।
हादसे में मारे गए अन्य चार भारतीय नागरिकों के रिश्तेदार भी काठमांडू पहुंच गए हैं। नेपाल के नागरिक उड्डयन निकाय के अनुसार अगस्त, 1955 में पहला विमान हादसा दर्ज किए जाने के बाद से अब तक देश में हवाई दुर्घटनाओं में 914 लोग मारे गए हैं।
रविवार को पोखरा में यति एयरलाइंस त्रासदी नेपाली आसमान में 104 वीं दुर्घटना है और हताहतों की संख्या के मामले में यह तीसरी सबसे बड़ी दुर्घटना है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)