विदेश की खबरें | ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता अंतिम दौर में, तेहरान पहुंचे आईएईए प्रमुख

वहीं, ईरान ने शनिवार को संकेत दिए कि वह मई के अंत तक उन सवालों के जवाब दे सकता है जो कि संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी एजेंसी चाहती है।

ईरान के असैन्य परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आयी है, जब अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रोसी समझौते को आगे बढ़ाने के प्रयास में तेहरान पहुंचे हैं।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल मारियानो ग्रोसी ने कहा कि तेहरान की उनकी यात्रा का मकसद ''शेष मुद्दों पर वार्ता करना'' है क्योंकि वियना में चल रही वार्ता में इस बात पर विचार-विमर्श अंतिम चरण में पहुंच गया है कि क्या 2015 में हुए समझौते को पूर्वरूप में बहाल किया जा सकता है।

ग्रोसी ने शुक्रवार रात तेहरान के लिये रवाना होने से पहले ट्विटर पर लिखा, ''यह बहुत महत्वपूर्ण समय है, लेकिन सभी पक्षों के लिये एक सकारात्मक परिणाम निकालना संभव है।''

ग्रोसी ने शनिवार को तेहरान पहुंचकर ईरान के असैन्य परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी से मुलाकात की। उनके ईरान के विदेश मंत्री हुसैन आमिर अब्दुल्लाहियान से मुलाकात करने का भी कार्यक्रम है।

ईरान और पांच अन्य देशों के बीच 2015 में परमाणु समझौता हुआ था। लेकिन 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते से अपने देश के बाहर निकलने की घोषणा कर दी, जिसके बाद समझौता अधर में लटक गया था। अब इसे बहाल करने के लिये वियना में ईरान और पांच अन्य देशों के बीच वार्ता चल रही है।

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