देश की खबरें | नीट-पीजी-22 : इंटर्नशिप की निर्धारित तिथि बढ़ाने संबंधी याचिका की सुनवाई आठ फरवरी तक टली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह एमबीबीएस विद्यार्थियों की उस याचिका पर आठ फरवरी को सुनवाई करेगा, जिसमें पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए 12 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) को स्थगित करने की मांग की गयी है।

नयी दिल्ली, चार फरवरी उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह एमबीबीएस विद्यार्थियों की उस याचिका पर आठ फरवरी को सुनवाई करेगा, जिसमें पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में नामांकन के लिए 12 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) को स्थगित करने की मांग की गयी है।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि उसे अपराह्न में पता चला है कि उन्होंने परीक्षा छह से आठ सप्ताह के लिए टाल दी है।

याचिका दायर करने वाले छह विद्यार्थियों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि परीक्षा को छह से आठ सप्ताह तक टालने से याचिकाकर्ताओं को बहुत राहत मिलेगी, लेकिन कुछ मुद्दे अब भी शेष हैं।

उन्होंने कहा कि एक साल इंटर्नशिप की अवधि पूरी करने के लिए 31 मार्च की तारीख तय की गयी है, जिसे पूरा करना संभव नहीं होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद डॉक्टर कोविड ड्यूटी में फंस चुके हैं।

शंकरनारायणन ने दलील दी कि प्रधानमंत्री की घोषणा के मद्देनजर विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों द्वारा सर्कुलर जारी किये गये हैं और ये चिकित्सक कोविड डयूटी के लिए अग्रिम मोर्चे के कर्मी के तौर पर जुट गये ।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के आवेदन भरने की तिथि चार फरवरी है। पीठ ने कहा, ‘‘हम हमेशा तिथि बढ़ा सकते हैं, लेकिन हम दूसरे पक्ष का रुख भी जानना चाहेंगे।’’

पीठ ने किसी अन्य मामले में केंद्र सरकार की ओर से पेश हो रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन से कहा कि वह एमबीबीएस विद्यार्थियों द्वारा मांगी गयी राहत के संदर्भ में निर्देश लें। जैन ने कहा कि वह किसी अन्य मामले में पेश होने वाले हैं और यदि मौजूदा मामले में केंद्र की ओर से कोई पेश नहीं हो रहा तो वह निर्देश लेकर सोमवार या मंगलवार को न्यायालय को सूचित कर सकते हैं।

विद्यार्थियों की ओर से पेश हो रहे एक अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने भी अनुरोध किया कि शीर्ष अदालत मामले की अगली सुनवाई आठ फरवरी को अपराह्न दो बजे करे। इसके बाद पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ फरवरी की तारीख मुकर्रर की।

दुबे लॉ चैम्बर्स के जरिये दायर याचिका में याचिकाकर्ताओं - शिवम सत्यार्थी और अन्य- ने दावा किया है कि अनेक एमबीबीएस ग्रेजुएट अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि पूरा न कर पाने के कारण परीक्षा नहीं दे पाएंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\