देश की खबरें | नीट-जेईई मुद्दा : कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन, भाजपा ने अदालती फैसले का सम्मान करने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस पर छात्रों को उकसा कर अराजकता पैदा करने का आरोप लगाते हुए मुख्य विपक्षी दल को नीट, जेईई और विश्वविद्यालय परीक्षा पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्वीकार करने की नसीहत दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

अहमदाबाद, 28 अगस्त गुजरात में सत्तारूढ़ भाजपा ने शुक्रवार को कांग्रेस पर छात्रों को उकसा कर अराजकता पैदा करने का आरोप लगाते हुए मुख्य विपक्षी दल को नीट, जेईई और विश्वविद्यालय परीक्षा पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को स्वीकार करने की नसीहत दी।

उच्चतम न्यायालय ने 17 अगस्त को जेईई मेन्स और नीट परीक्षा को स्थगित करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया था और कहा था कि छात्रों के बहुमूल्य शैक्षणिक वर्ष को बर्बाद नहीं किया जा सकता । न्यायालय ने कहा था की जीवन चलते रहना चाहिए।

यह भी पढ़े | NEET-JEE Exams 2020 Row: सीएम ममता बनर्जी ने कहा- पीएम मोदी को ‘मन की बात’ में छात्रों से नीट और जेईई की परीक्षा के बारे में सुझाव लेना चाहिए.

हालांकि, कांग्रेस ने शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन करते हुए मांग की कि कोविड-19 महामारी और देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ को देखते हुए परीक्षाओं को स्थगित कर दिया जाए।

गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा सहित पार्टी के 30 नेताओं को बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने के लिए पुलिस ने हिरासत में ले लिया।

यह भी पढ़े | State Bank of India: दिनेश कुमार खारा हो सकते हैं एसबीआई के अगले चेयरमैन, बैंक बोर्ड ब्यूरो ने की सिफारिश.

राज्य भाजपा के प्रवक्ता भरत पंड्या ने कहा, ‘‘छात्रों के भविष्य के बारे में कांग्रेस को तनिक भी चिंता नहीं है। पार्टी का मुख्य उद्देश्य छात्रों को उकसाकर अराजकता पैदा करना है। जब उच्चतम न्यायलय ने पहले ही अपना निर्णय दे दिया है, तो कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन करना व्यर्थ है।”

उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र और चुनाव आयोग के बाद अब विपक्षी दल ने उच्चतम न्यायालय पर भी विश्वास खो दिया है।’’

कांग्रेस के राज्य प्रवक्ता मनीष दोषी ने पलटवार करते हुए केन्द्र की भाजपा सरकार शीर्ष न्यायालय की आड़ में अपनी अकुशलता को छिपाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने प्रश्न किया कि यदि सरकार परीक्षा कराने के लिए गंभीर थी तो उसने पहले से ही योजना क्यों नहीं बनायी और विकल्प क्यों नहीं दिये?

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\