देश की खबरें | नियमित टीकाकरण क्षमताएं मजबूत करने की जरूरत: डब्ल्यूएचओ ने दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से कहा
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नयी दिल्ली, 12 जून विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सोमवार को दक्षिण पूर्व एशिया में लगभग 46 लाख ऐसे बच्चों को जीवन-रक्षक टीके प्रदान करने के लिए प्रयासों का आह्वान किया, जिन्हें टीके नहीं लगे हैं।
गौरतलब है कि देशों ने कोविड से पूर्व के टीकाकरण स्तर तक पहुंचने या इससे पार जाने के लिए प्रयास तेज कर दिये हैं।
डब्ल्यूएचओ की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि देशों द्वारा बच्चों के नियमित टीकाकरण को बनाकर रखने या बहाल करने के लिए किये गये प्रयासों के बावजूद ऐसे बच्चों की संख्या 2019 में 20 लाख से दोगुनी से अधिक होकर 2021 में 46 लाख हो गयी जिन्हें टीके नहीं लगे हैं या टीकों की एक भी खुराक नहीं लगी है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें कोविड-19 महामारी से पैदा हुए अंतराल और चुनौतियों पर अत्यावश्यक तरीके से ध्यान देना होगा।’’
वह कोविड के बाद नियमित टीकाकरण क्षमताएं मजबूत करने के लिए आयोजित चार दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला में भाग लेने वाले स्वास्थ्य मंत्रालयों, राष्ट्रीय टीकाकरण सलाहकार समूहों और साझेदार एजेंसियों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘हमें सटीक तरीके से ऐसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्र पहचानने होंगे जहां एक भी खुराक प्राप्त नहीं करने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। हमें तेजी से पहुंच बढ़ानी होगी और नियमित टीकाकरण की गति को भी बढ़ाना होगा।’’
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