देश की खबरें | स्वास्थ्य डाटा प्रबंधन नीति को अंतिम रूप देने का कार्य टालने की जरूरत : माकपा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 31 अगस्त माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर स्वास्थ्य डाटा प्रबंधन नीति (एचडीएमपी) पर कार्य को टालने की मांग की और कहा कि इस तरह की नीति को अंतिम रूप दिए जाने से पहले ‘व्यवस्थित तरीके से चर्चा’ करने की जरूरत है।

येचुरी ने कहा कि उन्होंने यह पत्र इसलिए लिखा है क्योंकि सरकार ने तीन सितंबर तक एचडीएमपी पर टिप्पणी मांगी थी।

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येचुरी ने लिखा, ‘‘इसे टालने की जरूरत है और इस मसौदे में गंभीर असर वाले विषयों पर व्यवस्थित तरीके से चर्चा करने के पहले नीति को मंजूरी नहीं दी जा सकती । ’’

उन्होंने लिखा, ‘‘इस तरह की चर्चा जरूरी है क्योंकि स्वतंत्रता दिवस ,2020 पर आपके द्वारा की गयी घोषणा के मुताबिक एचडीएमपी राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन (एनडीएचएम) का हिस्सा है।’’

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उन्होंने कहा कि एनडीएचएम में नागरिकों का संवेदनशील आंकड़ा लिया जाना है जो कि आगे निजी बीमा कंपनियों और दवा कंपनियों के लिए उपलब्ध होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘‘यह निजी डाटा की सुरक्षा का सरासर उल्लंघन है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘देश और संसद में चर्चा के बाद निजी डाटा सुरक्षा विधेयक 2019 (पीडीपी विधेयक) को रखा गया, जो कि वर्तमान में संसद में लंबित है। प्रस्तावित एचडीएमपी का इस विधेयक में कोई संदर्भ नहीं दिया गया।’’

उन्होंने कहा कि चूंकि संसद के दोनों सदनों की बैठक 14 सितंबर से शुरू होने वाली है, इसलिए इस पर चर्चा होनी चाहिए और पीडीपी विधेयक 2019 पर चर्चा के दौरान एनडीएचएम और एचडीएमपी पर विचार होना चाहिए।

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