एजेंसी न्यूज

देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में पांच साल में 111 लाख करोड़ रुपये के वित्तपोषण की आवश्यकता

वर्ष 2019- 2025 के लिये राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) पर गठित कार्यबल ने अपनी अंतिम रिपोर्ट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंप दी। इस रिपोर्ट में ढांचागत परियोजनाओं के लिये धन जुआने के वास्ते बॉंड बाजार को और गहरा बनाने, नये विकास वित्त संस्थान स्थापित करने और भूमि का मौद्रीकरण करने जैसे कदम उठाने चाहिये ताकि वित्तपोषण की जरूरत को पूरा किया जा सके। वित्त मंत्रालय ने एक वक्तव्य में यह कहा है।

देश के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में पांच साल में 111 लाख करोड़ रुपये के वित्तपोषण की आवश्यकता
जमात

नयी दिल्ली, 29 अप्रैल सरकार द्वारा गठित एक कार्यबल ने अगले पांच साल के दौरान देश में ढांचागत अवसंरचना के विकास और रोजगार के अवसर बढ़ने के लिये विभिन्न ढांचागत परियोजनाओं में 111 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को यह कहा।

वर्ष 2019- 2025 के लिये राष्ट्रीय अवसंरचना पाइपलाइन (एनआईपी) पर गठित कार्यबल ने अपनी अंतिम रिपोर्ट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंप दी। इस रिपोर्ट में ढांचागत परियोजनाओं के लिये धन जुआने के वास्ते बॉंड बाजार को और गहरा बनाने, नये विकास वित्त संस्थान स्थापित करने और भूमि का मौद्रीकरण करने जैसे कदम उठाने चाहिये ताकि वित्तपोषण की जरूरत को पूरा किया जा सके। वित्त मंत्रालय ने एक वक्तव्य में यह कहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2019 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिये गये भाषणा के बाद इस कार्यबल का गठन किया गया। मोदी ने इस दौरान देश की विभिन्न ढांचागत परियोजनाओं में 100 लाख करोड़ रुपये के निवेश की बात कही थी।

उन्होंने कहा कहा था, ‘‘आधुनिक ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिये इस अवधि के दौरान 100 लाख करोड़ रुपये की राशि तय की गई है। इससे रहन सहन के स्तर में सुधार आने के साथ ही रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।’’

आर्थिक मामलों के सचिव अतानु चक्रवर्ती के नेतृत्व वाले इस कार्यबल ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में इन ढांचागत परियोजनाओं की निगरानी, क्रियान्वयन और वित्तपोषणा के लिये तीन समितियां बनाने का सुझाव दिया गया है।

इससे पहले कार्यबल ने पिछले साल दिसंबर में जारी अपनी शुरुआती रिपोर्ट में अगले पांच साल के दौरान ढांचागत क्षेत्र की परियाजनाओं में 102 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान व्यक्त किया था।

वित्त मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनआईपी कार्यबल की अंतिम रिपोअर् में 2020 से लेकर 2025 के दौरान ढांचागत क्षेत्र की परियोजनाओं में कुल मिलाकर 111 लाख करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान लगाया गया है। केन्द्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों से अतिरिक्त और संशोधित आंकड़े प्राप्त होने के बाद यह अनुमान लगाया गया है।

इसमें कहा गया है, ‘‘कुल 111 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित पूंजीगत व्यय में से 40 प्रतिशत यानी 44 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं पहले से ही क्रियान्वयन के तहत हैं। जबकि 33 लाख करोड़ रुपये यानी 30 प्रतिशत परियोजनायें अवधारणा के स्तर पर हैं वहीं 22 लाख करोड़ रुपये यानी 20 प्रतिशत परियोजनायें विकास के तहत है। वहीं 11 लाख करोड़ रुपये यानी 10 प्रतिशत परियोजनाओं की स्थिति के बारे में सूचना उपलब्ध नहीं है। ’’

विज्ञप्ति के अनुसार इन परियोजनाओं में ऊर्जा, सड़क, शहरी और रेलवे क्षेत्र की परियोजनायें शामिल हैं। वहीं एनआईपी की इस अंतिम रिपोर्ट के मुताबिक परियोजनाओं में केन्द्र और राज्यों की क्रमश: 39 और 40 प्रतिशत की बराबर हिस्सेदारी रहने का अनुमान है वहीं निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2020 08:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).