विदेश की खबरें | पोलैंड सीमा पर बच्चों सहित करीब 30 प्रवासी फंसे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. हालांकि प्रवासी पोलैंड की सीमा की दीवार के बाहर हैं। ग्रुपा ग्रानिका (बॉर्डर ग्रुप) के कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे पोलैंड क्षेत्र में हैं और बेलारूस उन्हें वापस आने की अनुमति नहीं दे रहा है।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

हालांकि प्रवासी पोलैंड की सीमा की दीवार के बाहर हैं। ग्रुपा ग्रानिका (बॉर्डर ग्रुप) के कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे पोलैंड क्षेत्र में हैं और बेलारूस उन्हें वापस आने की अनुमति नहीं दे रहा है।

कार्यकर्ता मार्ता स्टैनिस्ज़ेवस्का ने कहा, ‘‘ बेलारूस में वे सुरक्षित नहीं हैं।’’

स्टैनिस्ज़ेवस्का ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, ‘‘ जैसा कि इस समूह ने हमें बताया है कि बेलारूस सेवाओं ने उन्हें आगाह किया है कि वे वापस आए तो उनकी पिटाई की जाएगी या उन्हें मार डाला जाएगा।’’

स्टैनिस्ज़ेवस्का के मुताबिक, प्रवासियों का कहना है कि उनमें से कई बीमार हैं, एक लड़की के दांत में दर्द है और बच्चों को मच्छरों ने काट लिया है।

पोलैंड के लोकपाल कार्यालय के एक प्रतिनिधि ने रविवार को समूह से मुलाकात कर उनसे बातचीत की। उन्होंने बाद में पत्रकारों से कहा कि उन्हें देश में आने की अनुमति देने का फैसला पोलैंड सीमा रक्षकों का होगा।

मैसीज ग्रेज़स्कोविआक ने कहा, ‘‘ अगर ये लोग वास्तव में (पोलैंड) सीमा रक्षकों के अधिकार क्षेत्र में हैं और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवेदन करने की इच्छा व्यक्त करते हैं, तो ...ऐसे आवेदनों को स्वीकार किया जाना चाहिए।’’

पोलैंड ने एशिया और अफ्रीका के हजारों प्रवासियों को बेलारूस से देश में प्रवेश करने से रोकने के लिए पिछले साल करीब 190 किलोमीटर लंबी धातु की एक दीवार खड़ी की थी।

यूरोपीय संघ ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको पर यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का बदला लेने के लिए अवैध रूप से सीमा पार करने में मदद करने का आरोप लगाया है। हालांकि लुकाशेंको ने यूरोप में प्रवासन को प्रोत्साहित करने के आरोपों का खंडन किया है।

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