बिहार विधानसभा चुनाव 2020: अमित शाह ने भरा दम, कहा- नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA को मिलेगा दो-तिहाई बहुमत
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के शासन में बिहार जंगल राज से निकलकर जनता राज में पहुंच गया है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य विधानसभा के आगामी चुनाव में गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत मिलेगा.
नई दिल्ली, 8 जून: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance) के शासन में बिहार जंगल राज से निकलकर जनता राज में पहुंच गया है. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य विधानसभा के आगामी चुनाव में गठबंधन को दो-तिहाई बहुमत मिलेगा. एक वर्चुअल रैली के जरिये राष्ट्रीय राजधानी से बिहार के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "बिहार में चुनाव निकट हैं. मुझे विश्वास है राजग दो-तिहाई बहुमत हासिल कर फिर से सरकार बनायेगा."
उधर विपक्षी पार्टियों ने कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच रैली करने के लिए भाजपा पर निशाना साधा है . हालांकि शाह ने कहा कि इस रैली का बिहार चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरा होने के बाद पार्टी ने ‘जन संवाद’ आयोजित किया है जो 75 वर्चुअल जनसभाओं में से एक है. उन्होंने कहा कि इस रैली का उद्देश्य कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई से लोगों को जोड़ना है और साथ ही उन्हें ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान से भी जोड़ना है क्योंकि भाजपा जन संवाद में विश्वास करती है.
उन्होंने भाषण में कोविड-19 के प्रसार के बाद बिहार से राजद नेता तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति सहित कांग्रेस नेता राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं पर तंज कसा . शाह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और प्रवासियों के मुद्दे से निपटने के अपने प्रयासों का पुरजोर बचाव किया.
भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से प्रवासी श्रमिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कहा और इसके लिए 11 हजार करोड़ रुपये भी जारी किये. उन्होंने कहा कि रेलवे ने 1.25 करोड़ से अधिक लोगों को सुरक्षित ढंग से उनके गृह राज्यों में पहुंचाया है.
अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित राज्य विधानसभा चुनाव में लाखों प्रवासी कामगारों की चिंता एक प्रमुख चुनावी मुद्दा बनने की संभावना के साथ शाह ने राष्ट्र के विकास में उनके योगदान की प्रशंसा की और कहा कि उनकी मेहनत हर जगह अंकित है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस मुद्दे को लेकर राजनीति कर रहे हैं. शाह ने यह स्वीकार किया कि प्रवासियों को कठिनाई से गुजरना पड़ा है.
उन्होंने यादव का नाम लिये बगैर उन पर निशाना साधते हुए पूछा कि इस अवधि के दौरान वह बिहार में थे या दिल्ली में आराम कर रहे थे. थाली बजाकर उनकी वर्चुअल रैली के खिलाफ विरोध करने वाले राजद को आड़े हाथों लेते हुए शाह ने पूछा कि क्या किसी ने उन्हें रैली आयोजित करने से रोका है और उनके नेता ने दिल्ली में आराम करना पसंद किया.
उन्होंने मुख्यमंत्री कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जब सत्ता में थी तो राज्य की आर्थिक संवृद्धि दर केवल 3.9 प्रतिशत थी लेकिन राजग के कार्यकाल में यह बढ़कर 11.3 प्रतिशत हो गई.
उन्होंने राजद के चुनाव चिन्ह ‘लालटेन’ का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ‘लालटेन राज’ से ‘एलईडी राज’ की तरफ बढ़ा.
उन्होंने कहा कि जद (यू)-भाजपा के शासन के दौरान बिहार ‘जंगल राज’ से निकलकर ‘जनता राज’ में आ गया है. शाह ने बिहार सरकार द्वारा नकदी हस्तांतरण समेत उठाये गये कई कदमों को गिनाया. उन्होंने कहा कि कुमार और मोदी ने चुपचाप बहुत काम किया है. उन्होंने कहा कि 2015 में बिहार के लिए मोदी द्वारा घोषित 1.25 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को जमीनी स्तर पर लागू किया गया है.
उन्होंने राजमार्गों और कृषि जैसे विभिन्न सेक्टरों में कार्यो की विस्तृत जानकारी दी. मोदी सरकार के कदमों पर लगातार सवाल उठाने वाले कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा कि यहां बैठा कोई व्यक्ति अमेरिका में लोगों के साक्षात्कार लेता है जबकि प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस से निपटने के खिलाफ लड़ाई में पूरे देश को एकजुट किया.
उन्होंने कहा कि यद्यपि विपक्षी नेताओं ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में देश को एकजुट करने के प्रधानमंत्री के प्रयासों को राजनीतिक प्रचार कहकर खारिज किया, लेकिन देश उनके साथ खड़ा रहा और उनकी अपीलों का पालन किया. शाह ने कहा कि मोदी लाल बहादुर शास्त्री के बाद उनकी अपीलों पर जनता से इस तरह का समर्थन प्राप्त करने वाले एकमात्र प्रधानमंत्री बन गये हैं. राहुल गांधी सरकार पर किसानों के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाते रहते है.
इस आरोप पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा कि कुछ एनजीओ ने कांग्रेस नेता से कहा है कि जोर से बोलने से उन्हें अधिक वोट मिलेंगे. शाह ने कहा, "राहुल गांधी का दावा है कि संप्रग सरकार ने दस वर्षों में तीन करोड़ से अधिक किसानों का 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया. मोदी ने सुनिश्चित किया है कि हर साल 9.5 करोड़ किसानों को 72,000 करोड़ से अधिक रुपये दिए जाएं." मोदी सरकार की मुफ्त रसोई गैस और आवास योजनाओं जैसे जन-कल्याणकारी कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने जो सबसे बड़ा काम किया है, वह दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा को "बुलंदियों तक पहुंचाना" है. उन्होंने कहा कि मोदी ने देश की सीमाओं को सुरक्षित किया है.
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उन्होंने कहा, "एक समय था जब कोई भी घुसपैठ किया करता था और हमारे सैनिकों को मारता था, और दिल्ली दरबार के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती थी." उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने उरी और पुलवामा में आतंकवादी हमलों के बाद सर्जिकल और हवाई हमले किए. शाह का यह बयान उस समय आया है जब लद्दाख में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच गतिरोध है और स्थिति को शांत करने के लिए सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर प्रयास किये जा रहे है. उन्होंने हालांकि इस मुद्दे का कोई उल्लेख नहीं किया.
मोदी सरकार की उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को 70 वर्षों में छूने की हिम्मत नहीं की गई, उनका मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में समाधान किया गया. उन्होंने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और तीन तलाक के खिलाफ कानून का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने यह सुनिश्चित करने के वास्ते काम किया कि अयोध्या मुद्दा अनसुलझा ही बना रहे. उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले को संभालते हुए उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया.
महामारी से निपटने के लिए मोदी सरकार द्वारा गरीबों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए उठाये गये विभिन्न कल्याणकारी कदमों का हवाला देते हुए शाह ने पूछा कि विपक्ष ने राजनीति करने के अलावा उनके लिए क्या किया है. भाजपा ने दावा किया कि इस तरह की पहली डिजिटल राजनीतिक रैली में 14 लाख से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता शामिल हुए. कांग्रेस ने, "राजनीति को ध्यान में रखते हुए ऐसे समय में रैली करने के लिए शाह की निंदा की जब कोरोना वायरस से बिहार में लोग मर रहे हैं और कई लोग देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए है."
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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 07, 2020 11:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

