जरुरी जानकारी | एनसीएलएटी का एनसीएलटी को बीसीसीआई-बायजू समझौते पर एक सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) को निर्देश दिया है कि वह शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू के खिलाफ दिवाला मामले के निपटारे और वापसी के लिए भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) की याचिका पर एक सप्ताह के भीतर फैसला करे।

नयी दिल्ली, आठ फरवरी अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) को निर्देश दिया है कि वह शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी बायजू के खिलाफ दिवाला मामले के निपटारे और वापसी के लिए भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) की याचिका पर एक सप्ताह के भीतर फैसला करे।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के न्यायमूर्ति राकेश कुमार जैन और न्यायमूर्ति जतिन्द्रनाथ स्वैन वाली दो सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को एनसीएलटी को निर्देश दिया कि वह ग्लास ट्रस्ट और आदित्य बिड़ला फाइनेंस को बायजू के ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) में बहाल करने के न्यायाधिकरण के पिछले आदेश के खिलाफ रिजु रवींद्रन द्वारा दायर याचिका का निपटारा करे।

एनसीएलएटी ने कहा, “एनसीएलटी को निर्देश दिया जाता है कि वह आवेदन पर, अधिमानतः एक सप्ताह के भीतर निर्णय ले।”

हालांकि, एनसीएलएटी की चेन्नई पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने तथ्यों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

बायजू के पूर्व प्रवर्तक और बायजू रवींद्रन के भाई रिजु रवींद्रन ने एनसीएलटी की बेंगलुरु पीठ के आदेश को चुनौती दी है, जिसने 29 जनवरी को फर्म के समाधान पेशेवर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का निर्देश दिया था और कंपनी की ऋणदाताओं की समिति से ग्लास ट्रस्ट और आदित्य बिड़ला फाइनेंस को बाहर करने के उनके निर्देश को रद्द कर दिया था।

एनसीएलटी ने भारतीय दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) को बायजू की मूल कंपनी थिंक एंड लर्न के समाधान पेशेवर पंकज श्रीवास्तव के खिलाफ जांच करने का निर्देश दिया था।

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