जरुरी जानकारी | सुपरटेक की 17 रुकी परियोजनाओं के लिए एनबीसीसी के प्रस्ताव पर विचार करे एनसीएलएटी: न्यायालय
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) सुपरटेक लिमिटेड की 17 रुकी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीसीसी के एक प्रस्ताव पर विचार कर सकेगा। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एनसीएलएटी को ऐसा करने की इजाजत दी।
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) सुपरटेक लिमिटेड की 17 रुकी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की एनबीसीसी के एक प्रस्ताव पर विचार कर सकेगा। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को एनसीएलएटी को ऐसा करने की इजाजत दी।
गौरतलब है कि संकटग्रस्त रियल्टी कंपनी की इन 17 परियोजनाओं में लगभग 27,000 घर खरीदार वर्षों से फंसे हुए हैं।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने एनबीसीसी के एक आवेदन पर नोटिस जारी किया।
पीठ ने कहा कि शीर्ष अदालत के समक्ष अपील का लंबित होना एनसीएलएटी को प्रस्ताव पर उचित आदेश पारित करने से नहीं रोकेगा।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान आवेदन के लंबित रहने के बावजूद एनसीएलएटी कॉरपोरेट देनदार (सुपरटेक लिमिटेड) की 17 परियोजनाओं के लिए एनबीसीसी के प्रस्ताव की जांच कर सकता है और उसपर फैसला ले सकता है।
पक्षकार एनसीएलएटी के समक्ष सभी दलीलें और विवाद उठाने के लिए स्वतंत्र हैं।
आदेश में यह भी कहा गया कि एनसीएलएटी के किसी भी आदेश से असंतुष्ट कोई भी पक्ष कानून के अनुसार उसे चुनौती दे सकता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)