जरुरी जानकारी | एनसीएलएटी ने शारदा एग्रो के खिलाफ दीवाला संहिता के तहत शुरु की गई कार्रवाई को निरस्त किया

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नई दिल्ली, 28 अगस्त राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने शुक्रवार को तेलंगाना स्थित सारदा एग्रो आयल के खिलाफ दीवालिया संहिता के तहत शुरु की गई कार्रवाई को निरस्त कर दिया है। एनसीएलएटी ने कहा कि खाते को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति घोषित करने के तीन वर्ष बाद ऋणदाताओं द्वारा दावे दायर किये गये थे।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की हैदराबाद पीठ द्वारा इलाहाबाद बैंक की कंपनी के खिलाफ दिवाला कार्रवाई शुरू करने की याचिका को स्वीकार करने के लगभग एक साल बाद एनसीएलएटी की ओर से यह निर्णय दिया गया है।

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एनसीएलएटी की तीन सदस्यीय पीठ ने एक आदेश में कहा, डिफॉल्ट की तारीख की गणना, खाते को एनपीए (गैर-निष्पादक आस्ति) के रूप में घोषित करने की तारीख से की गई है और चूक करने की इस तारीख को बदला नहीं जा सकता है।

आदेश ने कहा गया है कि धारा- 7 के तहत इस मामले में कार्रवाई नहीं की जा सकती जो दावा तीन साल की निश्चित समयावधि के बाद किया गया है।

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धनशोधन एवं दिवालिया कानून (आईबीसी) की धारा 7 के तहत, एक वित्तीय ऋण देने वाला बैंक या वित्तीय संस्था, ऋण लेने वाले निगमित देनदार के खिलाफ दीवाला संहिता के तहत कार्रवाई की शुरूआत कर सकते हैं।

एनसीएलएटी का यह निर्णय शारदा एग्रो आयल के प्रबंध निदेशक जगदीश प्रसाद शारदा द्वारा एनसीएलटी के आदेश के खिलाफा दायर योचिका पर आया है।

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