जरुरी जानकारी | एनसीएलएटी ने एस्सेल समूह की इकाई के खिलाफ दिवाला याचिका खारिज की

नयी दिल्ली, 14 सितंबर राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने बृहस्पतिवार को एनसीएलटी के एक आदेश को चुनौती देने वाली आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज की याचिका खारिज कर दी।

राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने अपने आदेश में एस्सेल समूह की कंपनी साइक्वेटर मीडिया सर्विसेज के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने से इनकार कर दिया गया था।

एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने पाया कि आईडीबीआई ट्रस्टीशिप द्वारा दावा की गई चूक जून, 2020 में हुई थी, जो दिवाला और ऋणशोधन अक्षमता संहिता, 2016 की धारा 10 ए के तहत शामिल नहीं की गई अवधि के अंतर्गत आता है।

धारा 10ए के अंतर्गत 25 मार्च, 2020 को या उसके बाद 25 मार्च, 2021 तक की गई चूक के लिए संहिता की धारा सात, नौ और 10 के तहत किसी भी आवेदन को दाखिल करने पर पूरी तरह से और हमेशा के लिए रोक लगाने का प्रावधान है।

इसके बाद, 25 मार्च, 2020 को या उसके बाद 24 सितंबर, 2020 तक हुई किसी भी चूक के संबंध में कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने के लिए कोई आवेदन दायर नहीं किया जा सकता है, जिसे बाद में सरकार द्वारा एक अधिसूचना के माध्यम से 25 मार्च, 2021 तक बढ़ा दिया गया था।

इस साल जून में, एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने आईबीसी की धारा सात के तहत वित्तीय ऋणदाता के रूप में आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था। इसे आईडीबीआई ट्रस्टीशिप सर्विसेज द्वारा एनसीएलएटी में चुनौती दी गई।

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