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एनबीएफसी की रिजर्व बैंक से मार्च 2021 तक सभी ऋणों को एकबार पुनर्गठित करने की दरख्वास्त

एनबीएफसी ने उन्हें बैंकों का ऋण चुकाने पर दी गयी मोहलत को आगे बढ़ाने की भी मांग रखी है। साथ ही रिजर्व बैंक से ऋण प्रावधान नियमों में छूट और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से पुनर्वित्त के रूप में अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है।

एनबीएफसी की रिजर्व बैंक से मार्च 2021 तक सभी ऋणों को एकबार पुनर्गठित करने की दरख्वास्त

मुंबई, पांच मई गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) ने रिजर्व बैंक से सभी ऋणों को मार्च 2021 तक एक बार पुनर्गठित करने की अनुमति मांगी है। एनबीएफसी का कहना है कि कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन (बंद) की वजह से उनके ग्राहकों को धन की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए उन्हें ऐसा करने दिया जाए।

एनबीएफसी ने उन्हें बैंकों का ऋण चुकाने पर दी गयी मोहलत को आगे बढ़ाने की भी मांग रखी है। साथ ही रिजर्व बैंक से ऋण प्रावधान नियमों में छूट और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) से पुनर्वित्त के रूप में अतिरिक्त कोष उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है।

एनबीएफसी कंपनियों की प्रतिनिधि संस्था वित्त उद्योग विकास परिषद (एफआईडीसी) के अनुसार इस संबंध में रिजर्व बैंक के साथ सोमवार को एक बैठक हुई। बैठक के दौरान कंपनियों ने ये सुझाव रखे।

एफआईडीसी ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और बंद के चलते उनके अधिकतर ग्राहकों के नकदी प्रवाह में बाधा आयी है। इसके चालू वित्त वर्ष में लंबे समय तक बने रहने की संभावना है। सबसे ज्यादा प्रभावित लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) , ट्रांसपोर्टर और ठेकेदार हुए हैं।

परिषद ने एक बयान में कहा कि ऋणों को एक बार पुनगर्ठित करने की अनुमति मार्च 2021 तक के लिए दी जाए। इसके तहत परिसंपत्तियों के वर्गीकरण में बदलाव के बगैर मासिक किस्त को फिर से तय करने, ऋण की अवधि बढ़ाने जैसे संशोधन करने की मंजूरी दी जाए जो ग्राहकों की नकदी हालत के अनुरूप हो।

रिजर्व बैंक ने बैंकों और एनबीएफसी को एमएसएमई को बांटे गए ऋणों का दिसंबर 2020 तक एक बार पुनर्गठन करने की अनुमति दी है। जबकि एनबीएफसी कंपनियां यह छूट सभी ग्राहकों के ऋणों का पुनर्गठन करने के लिए चाहती हैं।

परिषद ने कहा कि इसी तरह ऋण चुकाने के लिए दी गयी तीन महीने की छूट से ऋण ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली है। लेकिन चौथे महीने में भी वह ऋण चुकाने में समर्थ होंगे, इसे लेकर संशय है। इसलिए रिजर्व बैंक को इस पर भी विचार करना चाहिए।

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(The above story first appeared on LatestLY on May 05, 2020 04:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).