चतरा, 26 मई झारखंड के चतरा जिले में कथित तौर पर पुलिस का मुखबिर होने के शक में नक्सलियों ने आदिवासी समुदाय के एक व्यक्ति और उसके बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि घटना शनिवार रात कुंडा थाना क्षेत्र के हिंदिया कला गांव में हुई।
उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान छेदी बिरहोर और उनके बेटे पंकज बिरहोर के रूप में हुई है, जो आदिवास समुदाय से हैं।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) विकास पांडे ने कहा,"छेदी बिरहोर और उनके बेटे की कथित तौर पर तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के सदस्यों ने हत्या की।’’
पंकज के बड़े भाई विधायक बिरहोर ने पुलिस को बताया कि करीब 60-70 नक्सलियों ने उनके घर को घेर लिया और दरवाजा खटखटाया तथा जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला तो वे छत के रास्ते घर में घुस गये। पहले तो उन्होंने उनकी पिटाई की और फिर गोली मारकर हत्या कर दी।''
विधायक ने कहा कि जब हमला हुआ तब वह घर में नहीं था।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "अगर मैं घर पर होता तो मुझे भी मार दिया जाता।"
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिवार ने एक नक्सली को पुलिस को सौंप दिया था जिसने राज्य की बिरसा आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए पैसे मिलने के बाद उनसे 10,000 रुपये की रंगदारी मांगी थी।
उन्होंने बतया कि "टीएसपीसी इस घटना से गुस्से में थी। बदला लेने के लिए उन्होंने यह अपराध किया होगा।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY