देश की खबरें | नौसेना लीक मामला: सीबीआई ने दो कमांडरों, चार अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने संवेदनशील पनडुब्बी रेट्रो-फिटिंग (उत्पादन के बाद पुर्जा जोड़ने की) परियोजना को संभाल रहे नौसेना के अधिकारियों की गिरफ्तारी से संबंधित मामले में मंगलवार को अपना पहला आरोपपत्र दाखिल किया। अधिकारियों को आर्थिक लाभ के बदले गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

नयी दिल्ली, दो नवंबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने संवेदनशील पनडुब्बी रेट्रो-फिटिंग (उत्पादन के बाद पुर्जा जोड़ने की) परियोजना को संभाल रहे नौसेना के अधिकारियों की गिरफ्तारी से संबंधित मामले में मंगलवार को अपना पहला आरोपपत्र दाखिल किया। अधिकारियों को आर्थिक लाभ के बदले गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

सीबीआई द्वारा राउज एवेन्यू अदालत में विशेष सीबीआई न्यायाधीश के समक्ष दाखिल आरोपपत्र में दो सेवारत नौसेना कमांडरों सहित छह लोगों के नाम हैं। इनमें से एक का नाम अजीत कुमार पांडेय, कमोडोर रैंक का एक सेवानिवृत्त अधिकारी रणदीप सिंह, कमांडर रैंक का एक अन्य सेवानिवृत्त अधिकारी एस जे सिंह, जो एक कोरियाई सबमरीन कंपनी के लिए कार्यरत था, एक निजी कंपनी का निदेशक और एक कथित हवाला ऑपरेटर शामिल है।

सीबीआई ने दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को गिरफ्तार किया था और छापेमारी के दौरान उनमें से एक के आवास से 2 करोड़ रुपये बरामद किए थे।

उन्होंने बताया कि एजेंसी ने भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आपराधिक साजिश के आरोप में छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

आरोप है कि सेवारत नौसैनिक अधिकारी कथित तौर पर आर्थिक लाभ के बदले सेवानिवृत्त अधिकारियों को गोपनीय जानकारी लीक कर रहे थे।

अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने के बाद सीबीआई ने सितंबर में छापेमारी की थी जिसमें दो सेवानिवृत्त अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों ने कहा कि आगे की जांच जारी है और कुछ विदेशी नागरिकों की भूमिका जांच के दायरे में है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील और हाई प्रोफाइल भ्रष्टाचार के मामलों को देखने वाली एजेंसी की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई को सूचना लीक होने का पता लगाने का काम सौंपा गया था, जिसके बाद अभियान शुरू किया गया था।

उन्होंने बताया कि इकाई ने गिरफ्तार अधिकारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों के नियमित संपर्क में रहने वाले कई अन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों से पूछताछ की है।

उन्होंने कहा कि सीबीआई अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए गए डिजिटल उत्पादों का फोरेंसिक विश्लेषण कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं निहित स्वार्थ वाले लोगों के हाथ में सूचना तो नहीं गई।

नौसेना ने एक बयान में कहा, ‘‘कुछ अनधिकृत कर्मियों द्वारा प्रशासनिक और वाणिज्यिक प्रकृति की कथित सूचना लीक से संबंधित जांच में सामने आयी है और उपयुक्त सरकारी एजेंसी द्वारा इसकी जांच की जा रही है।’’

उसने कहा कि एजेंसी द्वारा नौसेना के पूर्ण सहयोग से जांच जारी है। उसने कहा कि नौसेना द्वारा आंतरिक जांच भी की जा रही है।

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