विदेश की खबरें | यूक्रेन के लिए नाटो की सदस्यता अव्‍यावहारिक : अमेरिकी रक्षा मंत्री

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लिए आगे का रास्ता यह है कि वह सीमा के लिहाज से 2014 से पहले की स्थिति की वापसी की उम्मीदें छोड़ दे और रूस के साथ एक ऐसे समझौते के लिए तैयार हो जाए, जिसे अंतरराष्ट्रीय सैनिकों वाले संभावित शांतिरक्षक बल का समर्थन हासिल हो।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उन्होंने कहा कि यूक्रेन के लिए आगे का रास्ता यह है कि वह सीमा के लिहाज से 2014 से पहले की स्थिति की वापसी की उम्मीदें छोड़ दे और रूस के साथ एक ऐसे समझौते के लिए तैयार हो जाए, जिसे अंतरराष्ट्रीय सैनिकों वाले संभावित शांतिरक्षक बल का समर्थन हासिल हो।

हेगसेथ ने नाटो और यूक्रेन रक्षा संपर्क समूह के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान ये टिप्पणियां कीं। वह इन दोनों गठबंधनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने वाले ट्रंप प्रशासन के पहले सदस्य हैं।

सहयोगी देश यह जानने को उत्सुक हैं कि वाशिंगटन आने वाले समय में यूक्रेन को कितनी सैन्य एवं वित्तीय सहायता मुहैया कराने का इच्छुक है। हेगसेथ ने उनसे कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन को अधिकांश सैन्य एवं वित्तीय सहायता देने का जिम्मा यूरोपीय देश संभालें, एक संभावित शांतिरक्षक बल की तैनाती की जाए जिसमें अमेरिकी सैनिक न शामिल हों। संभावित शांति रक्षक बल के ये सैनिक अगर रूसी सेनाओं के संपर्क में आते हैं, तो उन्हें अनुच्छेद पांच के तहत सुरक्षा न प्रदान की जाए।

हेगसेथ ने वहां एकत्रित लगभग 50 देशों के समूह को संबोधित करते हुए कहा, ''इस संपर्क समूह के सदस्यों को इस क्षण का सामना करना होगा।''

ये देश रूस के 2022 के आक्रमण के बाद से यूक्रेन को समर्थन प्रदान कर रहे हैं।

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