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देश की खबरें | मध्यस्थता की निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने में राष्ट्रीय हित महत्वपूर्ण : न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि मध्यस्थता की निष्पक्ष प्रक्रिया एवं निजी क्षेत्र को देश में निवेश करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र में भरोसा सुनिश्चित करने में सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित है।

देश की खबरें | मध्यस्थता की निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने में राष्ट्रीय हित महत्वपूर्ण : न्यायालय

नयी दिल्ली, 29 अगस्त उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि मध्यस्थता की निष्पक्ष प्रक्रिया एवं निजी क्षेत्र को देश में निवेश करने के लिए वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र में भरोसा सुनिश्चित करने में सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हित है।

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच-सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि सरकार का हित केवल मध्यस्थता में अनुकूल परिणाम प्राप्त करने में नहीं है।

संविधान पीठ में न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय, न्यायमूर्ति पी एस नरसिम्हा, न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा शामिल हैं। संविधान पीठ इस विवादास्पद कानूनी प्रश्न पर दलीलें सुन रही है कि क्या मध्यस्थ बनने के अयोग्य व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को मध्यस्थ के रूप में नामित कर सकता है।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि सरकार यह सुनिश्चित करने में रुचि रखती है कि वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र के रूप में मध्यस्थता बढ़े और इसके रास्ते में जो भी बाधाएं आती हैं या जो बाधाएं, खासकर सरकारी एजेंसियां, लोगों को मध्यस्थता में जाने से रोक रही हैं, उनपर विशेष नजर रखी जाए।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, "इस दृष्टिकोण को सरकार को भी ध्यान में रखना चाहिए कि अगर हम आज ऐसी अर्थव्यवस्था में हैं, जहां हमें लगता है कि निजी निवेश राष्ट्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है... तो यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण सार्वजनिक हित या राष्ट्रीय हित है कि मध्यस्थता की प्रक्रिया निष्पक्ष हो।"

पीठ ने कहा, ‘‘इसी तरह राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाली सरकार को इस तथ्य से चिंतित होना चाहिए कि निवेश करने के लिए आपकी मध्यस्थता प्रक्रिया में निजी क्षेत्र का विश्वास होना चाहिए। ये केवल विदेशी निवेशक ही नहीं, बल्कि घरेलू निवेशक भी हैं।’’

इस मामले में दिन भर चली बहस अनिर्णीत रही और यह शुक्रवार को भी जारी रहेगी।

शीर्ष अदालत ने बुधवार को इस कानूनी मुद्दे पर दलीलें सुनना शुरू किया था।

इसने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 के प्रावधानों से संबंधित दलीलें सुनीं, जिसमें मध्यस्थों की नियुक्ति से संबंधित दलीलें भी शामिल थीं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 29, 2024 09:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).