उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने बुधवार को बलिया स्थित पार्टी के जिला मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में कहा "गांधी जी को मारा वो एक अलग मुद्दा है। जहां तक मैंने गोडसे को जाना और पढ़ा है, वह भी एक देशभक्त थे। गांधी जी की जो हत्या हुई , उससे हम सहमत नहीं हैं।’’
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रावत ने कहा कि गांधी उप नाम भर से उनकी विचारधारा गांधीवादी नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि ‘जनेऊ’ बाहर लटकाने से उनकी पहचान नहीं बदल सकती है, वह (राहुल गांधी) केवल बात करते हैं। रावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष केवल गांधी नाम को भुना रहे हैं।
हाल ही में राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रावत ने कहा कि कांग्रेस नेता के प्रयासों से पार्टी को कोई लाभ नहीं होगा और जल्द वह (कांग्रेस) बीते दिनों की बात होगी।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राहुल गांधी अपनी पार्टी की खस्ता हाल को देखकर हताशा में बोल रहे हैं। वह मानसिक तनाव में बोल रहे हैं। जनता मानसिक तनाव से गुजर रहे व्यक्ति को स्वीकार नहीं करेगी।’’
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात पर रावत ने कहा, ‘‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बड़ा नौटंकीबाज नेता इस देश में कोई नहीं है। अखिलेश यादव केजरीवाल से नौटंकी का गुण सीखना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा कि सपा के ‘मुखौटा’ से जनता परिचित है। रावत ने कहा कि सपा ने अपने शासनकाल में उत्तर प्रदेश को ‘गुंडा राज’ में झोंकने का कार्य किया है।
भाजपा नेता ने कहा कि सपा ने माफिया को अपना कैडर बनाया व फिर माफिया को माननीय बनाया। जनता आने वाले समय में एक बार फिर सपा को नकार देगी।
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