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खेल की खबरें | नटराज, देसिंघु का तैराकी में दबदबा जारी, भारोत्तोलन में बने चार नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Sports at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के तैराक श्रीहरि नटराज और धीनिधि देसिंघु ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में सोमवार को यहां क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग में अपने-अपने सातवें स्वर्ण पदक के साथ दबदबा मजबूत किया तो वहीं भारोत्तोलन में चार नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने।

खेल की खबरें | नटराज, देसिंघु का तैराकी में दबदबा जारी, भारोत्तोलन में बने चार नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड

देहरादून / हलद्वनी, तीन फरवरी कर्नाटक के तैराक श्रीहरि नटराज और धीनिधि देसिंघु ने 38वें राष्ट्रीय खेलों में सोमवार को यहां क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग में अपने-अपने सातवें स्वर्ण पदक के साथ दबदबा मजबूत किया तो वहीं भारोत्तोलन में चार नये राष्ट्रीय रिकॉर्ड बने।

कर्नाटक सोमवार को तैराकी में कुल पांच स्वर्ण के जीतकर पदक तालिका में शीर्ष पर पहुंच गया है।

पंजाब की भारोत्तोलक महक शर्मा ने महिलाओं की 87 किग्रा से अधिक वर्ग में स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल भार में राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि पुरुषों की 109 किग्रा से अधिक श्रेणी में तमिलनाडु के एस रुद्रमयन ने स्नैच में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया।

नटराज और देसिंघु  दोनों तैराक इन खेलों के सर्वश्रेष्ठ पुरुष और महिला खिलाड़ी बनने की राह पर हैं।

कर्नाटक ने 42 पदक (22 स्वर्ण, 10 रजत, 10 कांस्य) के साथ सेना को पछाड़कर शीर्ष स्थान पर वापसी की। सेना 38 पदक (19 स्वर्ण, 10 रजत, 9 कांस्य) के साथ दूसरे स्थान पर हैं जबकि महाराष्ट्र (15 स्वर्ण, 26 रजत, 20 कांस्य) तीसरे और मणिपुर (11 स्वर्ण, 10 रजत, पांच कांस्य) चौथे पायदान पर है।

भारोत्तोलन प्रतियोगिता के अंतिम दिन 29 वर्षीय महक ने शानदार प्रदर्शन किया।

महिलाओं के 87 किग्रा से अधिक वर्ग में चुनौती पेश करते हुए महक ने स्नैच में 106 किग्रा वजन उठाकर 105 किग्रा के अपने पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अपने अंतिम क्लीन एवं जर्क प्रयास में 141 किग्रा वजन के साथ 140 किग्रा के अपने राष्ट्रीय रिकॉर्ड में भी सुधार किया।

महक ने कुल 247 किग्रा वजन उठाया जो उनके पिछले राष्ट्रीय रिकॉर्ड 244 किग्रा से तीन किग्रा अधिक है। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

उत्तर प्रदेश की पूर्णिमा पांडे ने कुल 216 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक जीता जबकि कर्नाटक की सत्या ज्योति (कुल 201 किग्रा) ने कांस्य पदक हासिल किया।

महक ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा था क्योंकि मैंने कड़ा अभ्यास किया था लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं तीनों रिकॉर्ड तोड़ दूंगी। अब जब मैंने यह कर दिखाया है, तो मैं संतुष्ट हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। मैं इस उपलब्धि के लिए अपने कोच और अपने परिवार के सदस्यों को धन्यवाद देती हूं। कोच की मदद के बिना इस खेल में कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता।’’

महक ने चार महीने से भी कम समय पहले अक्टूबर में हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान अपने पिछले तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए थे।

राष्ट्रीय खेलों में पदक केवल प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए कुल वजन के आधार पर दिए जाते हैं।

पुरुषों की 109 किग्रा से अधिक श्रेणी में तमिलनाडु के एस रुद्रमयन ने एक और राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने स्नैच में 175 किग्रा वजन उठाया जो रेलवे के गुरदीप सिंह के 172 किग्रा के राष्ट्रीय रिकॉर्ड से बेहतर था। रुद्रमयन हालांकि क्लीन एवं जर्क में 180 किग्रा वजन ही उठा सके। उन्होंने कुल 355 किग्रा वजन उठाया जिससे उन्हें रजत पदक मिला।

सेना के लवप्रीत सिंह ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने स्नैच में 165 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 202 किग्रा वजन से कुल 367 किग्रा वजन उठाया। उत्तराखंड के विवेक पांडे ने कुल 280 किग्रा वजन उठाकर कांस्य पदक जीता।

तैराकी में चौदह साल की देसिंधु ने महिलाओं की 400 मीटर फ्रीस्टाइल में चार मिनट और 24.60 सेकंड के समय के साथ इन खेलों का नया रिकॉर्ड कायम करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। उन्होंने इसके बाद नटराज और दो अन्य तैराकों के साथ चार गुणा 100 मीटर मिश्रित फ्रीस्टाइल स्पर्धा में तीन मिनट और 41.03 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता।

टीम के अन्य दो सदस्य आकाश मणि और नीना वेंकटेश थे।

देसिंघु की तरह पेरिस ओलंपियन 24 वर्षीय नटराज ने पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक में 26.09 सेकंड के समय के साथ दिन का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता।

देसिंघु ने सोमवार को दो स्वर्ण के साथ इन खेलों में कुल नौ पदक जीत लिए हैं। उन्होंने इससे पहले पांच स्वर्ण (200 मीटर फ्रीस्टाइल, 100 मीटर बटरफ्लाई, चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले और 50 मीटर फ्रीस्टाइल और 4 गुणा 200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले) में हासिल किये है। इस प्रतिभाशाली तैराक के नाम एक रजत (50 मीटर बटरफ्लाई) और एक कांस्य पदक (चार गुणा 100 मीटर रिले मेडले) भी है।

नटराज के कुल पदकों की संख्या आठ हो गयी है।  उन्होंने इससे पहले पांच स्वर्ण पदक 200 मीटर फ्रीस्टाइल, चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले, चार गुणा 100 मीटर फ्रीस्टाइल रिले मेडले, चार  गुणा 200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले और 100 मीटर बैकस्ट्रोक में जीता है। उन्होंने 50 मीटर फ्रीस्टाइल में रजत पदक हासिल किया है।

कर्नाटक को पुरुषों की 200 मीटर मेडले में शॉन गांगुली (2:06.61 मिनट) और महिलाओं की 50 मीटर बैकस्ट्रोक में विहिथा नयना (31.46) ने दो और स्वर्ण पदक दिलाये।

दिल्ली के कुशाग्र रावत ने पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल में 8:12.89 मिनट के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि महाराष्ट्र की सानवी देशवाल (2:24.90 मिनट) महिलाओं की 200 मीटर मेडले में पहले स्थान पर रहीं।

कर्नाटक ने तैराकी में अब तक 37 में से 18 स्वर्ण पदक जीते हैं। उसने इस खेल में अब तक कुल 33 पदक हासिल किये हैं।

  निशानेबाजी में कर्नाटक के पंद्रह वर्षीय निशानेबाज जोनाथन एंथोनी ने पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता सरबजोत सिंह और अपने से काफी अनुभवी सौरभ चौधरी को पछाड़कर 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता।

जोनाथन का निशानेबाजी करियर 2022 में उस वक्त परवान चढ़ा जब उन्होंने सीबीएसई दक्षिण क्षेत्र राइफल निशानेबाजी में स्वर्ण पदक जीता। वह उस समय आठवीं कक्षा में पढ़ते थे।

उन्होंने राष्ट्रीय खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में 240.7 अंक के साथ कर्नाटक के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने सेना के अनुभवी रविंद्र सिंह (240.3 अंक के साथ रजत पदक) और गुरप्रीत सिंह (220.1 अंक के साथ कांस्य पदक) को पीछे छोड़कर शीर्ष स्थान हासिल किया।

पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर के साथ 10 मीटर मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले सरबजोत सोमवार को चौथे स्थान पर रहे।

जोनाथन ने इससे पहले क्वालीफिकेशन में 578 अंक हासिल कर आठवें स्थान के साथ फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। ओलंपियन और राष्ट्रीय रिकार्डधारी सौरभ चौधरी ने भी 578 अंक हासिल किये थे लेकिन वह शूट-ऑफ में 15 साल के निशानेबाज से पिछड़ गये।

रविंद्र क्वालीफिकेशन में 584 अंक के साथ शीर्ष पर रहे जबकि सबरजोत 583 अंक के साथ दूसरे पायदान पर थे।

जोनाथन ने हालांकि फाइनल में धैर्य और एकाग्रता का शानदार नमूना पेश करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

उन्होंने अब तक के अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज करने के बाद कहा, ‘‘ मैं इस जीत से रोमांचित हूं। शीर्ष स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले ऐसे प्रतिभाशाली निशानेबाजों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा इस जीत को और भी सार्थक बनाती है। आज मेरा दिन था और मुझे इस जीत पर गर्व है।’’

पंजाब की सिफत कौर सामरा ने महिलाओं की 50 मीटर थ्री पोजीशन में स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता 23 साल की सिफत ने यहां महाराणा प्रताप कॉलेज में हुए फाइनल में 461.2 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया।

पेरिस ओलंपिक में फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही सिफत ने यहां जारी विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ यह मेरे लिए ओलंपिक के बाद यह वापसी जैसा है। मैंने ओलंपिक के बाद ब्रेक नहीं लिया था और अपना अभ्यास जारी रखा था। ऐसे में आज स्वर्ण पदक जीतने का अनुभव खास है।’’

इस स्पर्धा में उनके राज्य की साथी अंजुम मोदगिल ने 458.7 अंक के साथ रजत जबकि तेलंगाना की सुरभि भारद्वाज रापोले ने 448.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 03, 2025 10:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).