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नारायण राणे ने केंद्र के सिंधु जल संधि निर्णय पर शंकराचार्य के विचारों का विरोध किया

पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने रविवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की उस टिप्पणी से असहमति जताई जिसमें उन्होंने सिंधु नदी के जल प्रवाह को रोकने की भारत की क्षमता पर सवाल उठाया था.

नारायण राणे ने केंद्र के सिंधु जल संधि निर्णय पर शंकराचार्य के विचारों का विरोध किया

मुंबई, 27 अप्रैल : पूर्व केंद्रीय मंत्री नारायण राणे ने रविवार को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की उस टिप्पणी से असहमति जताई जिसमें उन्होंने सिंधु नदी के जल प्रवाह को रोकने की भारत की क्षमता पर सवाल उठाया था. राणे ने कहा कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिए गए सुरक्षा संबंधी फैसलों पर सार्वजनिक रूप से बहस नहीं होनी चाहिए. जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित करने समेत पाकिस्तान के खिलाफ कई सख्त कदम उठाए.

शंकराचार्य के वीडियो संदेश का हवाला देते हुए राणे ने कहा, ‘‘हम उनका सम्मान करते हैं, लेकिन सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया है. देश से बड़ा कोई नहीं है.’’ शंकराचार्य ने दावा किया था कि भारत में सिंधु नदी के पानी को मोड़ने या बनाए रखने के लिए बुनियादी ढांचे की कमी है और ऐसी सुविधाओं के निर्माण में दो दशक लग सकते हैं. वीडियो संदेश में सरस्वती ने कहा कि संधि पर केंद्र ‘‘लोगों को बेवकूफ बना’’ रहा है. यह भी पढ़ें : Jammu and Kashmir: आतंकवाद और उसके ‘मूल’ के खिलाफ होनी चाहिए निर्णायक लड़ाई; उमर अब्दुल्ला

विश्व बैंक की मध्यस्थता वाली संधि के तहत भारत को पूर्वी नदियों- सतलुज, ब्यास और रावी के पानी पर विशेष अधिकार दिए गए थे, जिसका औसत वार्षिक प्रवाह लगभग 33 मिलियन एकड़ फुट (एमएएफ) है. पश्चिमी नदियों-सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी बड़े पैमाने पर पाकिस्तान को आवंटित किया गया था, जिसका औसत वार्षिक प्रवाह लगभग 135 एमएएफ है. संधि के स्थगित होने के बाद सरकार सिंधु, झेलम और चिनाब के पानी का उपयोग करने के तरीकों पर विचार कर रही है. राणे ने कहा कि वह सिंधुदुर्ग के सबसे छोटे तालुका डोडामार्ग के निकट 1,000-1,200 एकड़ के भूखंड पर 500 विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने के लिए उद्योगपतियों गौतम अडाणी, सज्जन जिंदल और अन्य के साथ बातचीत करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘इससे एक लाख नौकरियां पैदा होंगी और जिले की प्रति व्यक्ति आय 2.50 लाख रुपये से बढ़कर तीन लाख रुपये से अधिक हो जाएगी.’

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 27, 2025 05:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).