जालंधर, 15 फरवरी उत्तर अमेरिकी पंजाबी एसोसिएशन (नापा) ने मानव तस्करी पर गंभीर चिंता जताते हुये कहा कि सरकार को युवाओं को विदेश पहुंचने के लिए अवैध एवं खतरनाक मार्गों का इस्तेमाल करने से रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले सप्ताह अमेरिका से निर्वासित किये गये लोगों में कई ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना उनकी पूर्व जानकारी के तथा भारी रकम वसूलने के बाद भी बेईमान ट्रैवल एजेंट द्वारा खतरनाक ‘डंकी (दुर्गम एवं खतरनाक)’ मार्गों से अमेरिकी सीमा तक पहुंचाया गया।
नापा के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने शनिवार को आरोप लगाया कि बार-बार चेतावनी और कई दुखद घटनाओं के बावजूद सरकार अवैध प्रवासन को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है।
चहल ने कहा,‘‘सरकार को इस संकट को समाप्त करने के लिए प्रवर्तन (कानूनों प्रावधानों) को मजबूत करने, जागरूकता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।"
नापा ने पंजाब सरकार से युवा पंजाबियों के जीवन की रक्षा करने तथा युवाओं को अवैध रूप से विदेश भेजने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की।
अमेरिका से 119 अवैध प्रवासियों को लेकर एक विमान शनिवार को अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरेगा। यह अवैध प्रवास पर कार्रवाई के वादे के तहत डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा निर्वासित किया जाने वाला भारतीयों का दूसरा जत्था है।
उनमें से 67 पंजाब से, 33 हरियाणा से, आठ गुजरात से, तीन उत्तर प्रदेश से, दो-दो गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान से तथा एक-एक हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से हैं।
पांच फरवरी को 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरा था। इनमें से 33-33 हरियाणा और गुजरात से थे, जबकि 30 पंजाब से थे।
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