देश की खबरें | किसानों की तकदीर बदल देगा नैनो यूरिया : मनसुख मांडविया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉक्टर मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के आंवला और फूलपुर में इफको नैनो यूरिया तरल संयंत्रों का उद्घाटन करने के बाद कहा कि नैनो यूरिया आने वाले समय में किसानों की प्रगति सुनिश्चित करेगा, उनकी आय में वृद्धि करेगा और यह हमारे किसानों की तकदीर को बदल देगा।
बरेली/प्रयागराज, 14 फरवरी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री डॉक्टर मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के आंवला और फूलपुर में इफको नैनो यूरिया तरल संयंत्रों का उद्घाटन करने के बाद कहा कि नैनो यूरिया आने वाले समय में किसानों की प्रगति सुनिश्चित करेगा, उनकी आय में वृद्धि करेगा और यह हमारे किसानों की तकदीर को बदल देगा।
समारोह को संबोधित करते हुए केंन्द्रीय मंत्री ने कहा कि नैनो यूरिया प्रदूषण का समाधान है। उन्होंने कहा कि देश में सरकार बदलने के बाद किसानों का सरकार में विश्वास बढ़ा है।
मंत्री ने कहा कि नैनो यूरिया के बाद अब देश में नैनो डीएपी आएगी जो उर्वरक के क्षेत्र में क्रांति लाने का काम करेगी।
मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच किसानों की दोगुनी आय व उन्हें समृद्ध बनाने की है। इस संकल्प को पूरा करने में नैनो तरल यूरिया एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे न केवल किसानों को कम मूल्य पर उर्वरक प्राप्त होगा बल्कि पर्यावरण प्रदूषण से बचाव के साथ धरती माता की भी सुरक्षा संभव होगी।
उन्होंने कहा कि तरल यूरिया अपेक्षाकृत सस्ती है और 250 रुपये में पांच सौ एमएल की बोतल मिलेगी जो कि यूरिया के एक बैग के बराबर कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि परिवर्तन संसार का नियम है जो समय के अनुसार बदलाव नहीं करते वे पिछड़ जाते हैं, इसलिए विकल्प के रूप में जब यह प्रयास प्रधानमंत्री जी के समक्ष आया तो उन्होंने इस पर शोध की स्वीकृति दे दी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने कलोल की तरल यूरिया इकाई को राष्ट्र को समर्पित कर दिया और इसी क्रम में इफको की आंवला की नैनो तरल यूरिया संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इसका छह करोड़ बोतल उत्पादन का लक्ष्य है।
उन्होंने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि देश में 12 हजार समृद्धि केंद्रों के माध्यम से किसानों को तरल यूरिया उपलब्ध करवाई जाएगी।
इफको अध्यक्ष दिलीप संघवी ने कहा कि अपनी धरती को यूरिया के अनियंत्रित प्रयोग से बचाने, वायु प्रदूषण से सुरक्षा व किसानों की समृद्धता को देखते हुए तरल यूरिया का उत्पादन काफी सहायक होगा।
इसके पहले प्रयागराज जिला मुख्लालय से 35 किलोमीटर दूर फूलपुर में नैनो यूरिया के नवनिर्मित संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित करने के बाद मांडविया ने कहा कि इस संयंत्र के साथ नैनो यूरिया उत्पादन के तीन संयंत्र (कल्लोल, आंवला, फूलपुर) परिचालन में आ गए हैं।
फूलपुर में मंत्री ने कहा कि वर्तमान में एक बोरी डीएपी 1350 रुपये में मिलता है, लेकिन इस एक बोरी डीएपी की जगह 500 मिली का नैनो डीएपी लेगा जिसकी कीमत लगभग 700 रुपये होगी।
मांडविया ने कहा, “यह नैनो यूरिया आने वाले दिनों में किसानों का भविष्य बदलेगा, उनकी प्रगति सुनिश्चित करेगा, उनकी आय बढ़ाएगा और साथ ही उनकी मिट्टी भी बचाएगा। किसानों को एक बोरी यूरिया जितना नाइट्रोजन एक बोतल नैनो यूरिया से मिल जाएगा। इसकी 500 मिली की बोतल महज 225 रुपये में उपलब्ध है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है और नये भारत का निर्माण हो रहा है। मंत्री ने कहा कि आने वाले पांच वर्ष में देश को खाद एवं उर्वरक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है और आज 70-90 लाख मीट्रिक टन यूरिया आयात हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बाहर से यूरिया ना मंगाना पड़े, बल्कि देश में निर्मित यूरिया विदेश भेजें, इस दिशा में भारत आगे बढ़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि इन तीनों संयंत्रों में से प्रत्येक में प्रतिदिन दो लाख बोतल नैनो यूरिया का उत्पादन किया जा रहा है।
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