देश की खबरें | नगा आदिवासी संगठन ने शांति वार्ता में सफलता हासिल करने की जरूरत पर जोर दिया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पूर्वोत्तर राज्यों के नगा आदिवासियों के शीर्ष संगठन ‘नगा होहो’ ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के नौ वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के साथ नगा समूहों के साथ शांति वार्ता में सफलता हासिल की जाती तो यह ‘‘सबसे उपयुक्त’’ होता।
कोहिमा, पांच जुलाई पूर्वोत्तर राज्यों के नगा आदिवासियों के शीर्ष संगठन ‘नगा होहो’ ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के नौ वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के साथ नगा समूहों के साथ शांति वार्ता में सफलता हासिल की जाती तो यह ‘‘सबसे उपयुक्त’’ होता।
उसने जातीय हिंसा से प्रभावित मणिपुर में शांति बहाल करने की मांग की और पूर्वोत्तर में समान नागरिक संहिता लागू न करने की अपील की।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर और नगालैंड की नगा जनजातियों के संगठन ‘नगा होहो’ के महासचिव के. इलु नदांग ने कहा, ‘‘जब हम मोदी सरकार के नौ वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहे हैं तो कितना अच्छा होता कि इस जश्न के साथ नगा राजनीतिक मुद्दे का समाधान भी जुड़ जाता।’’
उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में पत्रकारों से कहा कि लोग इस राजनीतिक समाधान की उम्मीद कर रहे थे लेकिन ‘‘ऐसा लगता है कि यह (कोशिश) उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर रही है।’’
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर उन्होंने कहा, ‘‘यूसीसी नगा लोगों या आदिवासियों के लिए संभवत: उपयुक्त नहीं होगी..बल्कि यह और नुकसान पहुंचा सकती है।’’
नदांग ने लोगों से मणिपुर में शांति बहाल करने में मदद करने के लिए आगे आने का भी अनुरोध किया।
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