कोलकाता, 13 जुलाई राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पश्चिम बंगाल सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) मनोज पंत ने कहा कि नाबार्ड ने पिछले वित्त वर्ष में ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास कोष के तहत 2,000 करोड़ रुपये प्रदान किए थे।
कोलकाता में नाबार्ड के 41वें स्थापना दिवस पर पंत ने इस सहायता को बढ़ाकर 2,500 करोड़ रुपये किये जाने की उम्मीद जताई।
अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठा रही है। उन्होंने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है।
पंत ने कहा कि एफपीओ और एसएचजी के संबंध में उत्पादों के विपणन सहित कुछ अन्य चुनौतियां थीं और इस अंतर को पाटने के लिए सहायता दिये जाने की आवश्यकता है।
इस मौके पर नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक ए आर खान ने कहा कि नाबार्ड ने विभिन्न कार्यक्रमों के तहत लगभग 14,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं, जिसमें इस साल 15-16 प्रतिशत की वृद्धि होगी।
पंत ने कहा कि वर्तमान में 19 विभाग नाबार्ड के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
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