देश की खबरें | मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन हिंसा कांड: ईडी ने मुख्य आरोपी ठाकुर के परिवार की संपत्ति कुर्क की

नयी दिल्ली, तीन मार्च प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुजफ्फरपुर के आश्रय गृह यौन हिंसा कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर और उसकी पत्नी के विरूद्ध धनशोधन मामले में दिल्ली में स्थित उनकी 1.45 करोड़ रूपये की संपत्ति एवं एक सावधि जमा जब्त है।

ईडी ने एक बयान में बताया कि पिछले साल यह बहुमंजिली इमारत कुर्क की गयी थी और इस अंतिरम आदेश पर इस साल जनवरी और फरवरी के बीच धनशोधन रोकथाम अधिनियम के निर्णय संबंधी प्राधिकार और अपीलीय न्यायाधिकरण ने मुहर लगायी।

यह संपत्ति ठाकुर की पत्नी आशा के नाम से है और पालम कॉलोनी के राजनगर प्रथम इलाके है। ईडी ने मंगलवार को उसे अपने कब्जे में ले लिया।

इसी मामले में एजेंसी 2.07 लाख रूपये की सावधि जमा भी जब्त कर ली जो आदर्श महिला शिल्प कला केंद्र के नाम से है।

ईडी ने अक्टूबर, 2018 में ठाकुर, उसके परिवार के सदस्यों एवं अन्य के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया था। उससे पहले, बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में उसके एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा संचालित आश्रय गृह में नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की खबरें सामने आयी थीं।

एजेंसी ने कहा था कि उसकी जांच में पाया गया कि ‘‘आश्रय गृह बहुत ही संदेहास्पद तरीके से चलाया जा रहा था और कई लड़कियों ने हिंसा एवं यौन उत्पीड़न किये जाने की शिकायत की।’’

ईडी ने कहा, ‘‘ आरोपी ब्रजेश ठाकुर लड़कियों के साथ बलात्कार करता था और इन वंचित एवं बेसहारा लड़कियों के साथ यौन हिंसा एवं मारपीट करता था। ठाकुर का ‘बालिका गृह’ के अन्य सदस्यों के साथ इस आश्रय गृह पर पूर्ण नियंत्रण था,’’

ईडी ने कहा, ‘‘ ठाकुर और अन्य ने बालिकाओं के कल्याणार्थ मिले (करीब 7.57 करोड़ रूपये) कोष/सहायता अनुदान को अन्यत्र लगाया एवं उसका गबन किया । उन्होंने इस रकम से ठाकुर और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से बहुत सी चल एवं अचल संपत्ति खरीदी ।’’

ईडी ने इस मामले में पटना में पीएमएलए अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।

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