जरुरी जानकारी | सरसों, सोयाबीन तिलहन में सुधार, कच्चा पॉम तेल, सोयाबीन, मूंगफली तेल में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. त्योहारी मांग के चलते दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों में सुधार दर्ज किया गया। इसके अलावा सोयाबीन तिलहन और कच्चा पॉम तेल कीमतों में भी सुधार रहा। दूसरी ओर निर्यात मांग खत्म होने से मूंगफली तेल, तिलहन कीमतों में गिरावट आ गई। वहीं, शिकागो एक्सचेंज में गिरावट के चलते सोयाबीन तेल में भी गिरावट दर्ज हुई।
नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर त्योहारी मांग के चलते दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों में सुधार दर्ज किया गया। इसके अलावा सोयाबीन तिलहन और कच्चा पॉम तेल कीमतों में भी सुधार रहा। दूसरी ओर निर्यात मांग खत्म होने से मूंगफली तेल, तिलहन कीमतों में गिरावट आ गई। वहीं, शिकागो एक्सचेंज में गिरावट के चलते सोयाबीन तेल में भी गिरावट दर्ज हुई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि शिकागो एक्सचेंज में आधा प्रतिशत की गिरावट रही। मलेशिया एक्सचेंज में अवकाश रहा। मध्य प्रदेश और गुजरात में सोयाबीन की फसल कमजोर रहने से ऊपज प्रभावित हुई है। किसान फिलहाल उपज को मंडी में लाने से बच रहे हैं। इस स्थिति के कारण सोयाबीन दाना के भाव में अच्छा सुधार आया मगर शिकागो एक्सचेंज की गिरावट से सोयाबीन डीगम सहित सोयाबीन तेल, दिल्ली की कीमत में गिरावट दर्ज हुई।
मूंगफली की निर्यात मांग खत्म होने और बाजार में आवक बढ़ने से मूंगफली दाना और तेल कीमतों में गिरावट आई। जबकि नाफेड द्वारा राजस्थान में सरसों की बिकवाली के लिए कम भाव पर लगाई गई बोलियों को निरस्त करने और बाद में ऊंचे भाव पर बोली मिलने से सरसों के भाव तेज हो गये। बृहस्पतिवार को नाफेड को 5,903 रुपये क्विन्टल का भाव मिला। जिससे सरसों दाना सहित इसके तेल में सुधार रहा।
सरकार ने आगामी पखवाड़े के लिये आयात शुल्क मूल्य में वृद्धि की है। सीपीओ आयात शुल्क मूल्य को मौजूदा 755 डॉलर से बढ़ाकर 782 डॉलर तथा सोयाबीन डीगम का आयात शुल्क मूल्य 898 डॉलर से बढ़ाकर 948 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है।
यह भी पढ़े | 1 नवंबर से बदल जाएंगे आम आदमी से जुड़े ये 5 नियम, आप पर भी पड़ेगा सीधा असर.
बाजार के जानकारों का कहना है कि सरकार को सरसों का कम से कम 20 लाख टन का बफर स्टॉक बनाना चाहिये क्योंकि विशेषकर उत्तर भारत में इसके तेल की खपत अधिक होती है और इसका कोई विकल्प भी नहीं है।
तेल-तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 6,120 - 6,170 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,375- 5,425 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,400 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,065 - 2,125 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 12,200 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 1,845 - 1,995 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 1,965 - 2,075 रुपये प्रति टिन।
तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,480 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,350 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम- 9,300 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 8,310 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,350 रुपये।
पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,600 रुपये।
पामोलीन कांडला- 8,800 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,350 - 4,400 लूज में 4,220 -- 4,250 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2020 08:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

