जरुरी जानकारी | सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. नवरात्र के दौरान मांग बढ़ने से मंगलवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सरसों एवं तेल सरसों तथा सोयाबीन एवं तेल सोयाबीन की कीमतों में सुधार देखने को मिला जबकि मलेशिया एक्सचेंज में ढाई प्रतिशत तेजी से जहां सीपीओ में सुधार आया वहीं मांग न होने से पामोलीन तेल कीमतें पूर्ववत बंद हुई।

नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर नवरात्र के दौरान मांग बढ़ने से मंगलवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सरसों एवं तेल सरसों तथा सोयाबीन एवं तेल सोयाबीन की कीमतों में सुधार देखने को मिला जबकि मलेशिया एक्सचेंज में ढाई प्रतिशत तेजी से जहां सीपीओ में सुधार आया वहीं मांग न होने से पामोलीन तेल कीमतें पूर्ववत बंद हुई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन उत्पादक किसानों की हालत पतली है क्योंकि मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में अधिक बरसात के कारण लातुर, नांदेड़ जैसी जगहों पर सोयाबीन की उपज प्रभावित हुई है।

यह भी पढ़े | Fact Check: वायरल खबर में दावा, सामान्य वर्ग के छात्रों की UPSC सिविल परीक्षा देने की उम्र 32 से घटकर 26 वर्ष होने जा रही है, जानें खबर की सच्चाई.

सोयाबीन दाना और लूज के भाव में जहां 50-50 रुपये का सुधार दर्ज हुआ वहीं सोयाबीन तेल दिल्ली और इंदौर की कीमत में 20-20 रुपये का सुधार आया।

सूत्रों ने कहा कि सीपीओ में ही सट्टा चलता है इसलिए मलेशिया एक्सचेंज में 2.5 प्रतिशत की तेजी का असर कच्चा पॉम तेल (सीपीओ) कीमतों में दिखा जिससे उसमें 50 रुपये प्रति क्विन्टल का सुधार आया। मांग न होने से पामोलीन के भाव पूर्वस्तर पर टिके रहे।

यह भी पढ़े | Goa: गोवा के उपमुख्यमंत्री चंद्रकांत कावलेकर के फोन से शेयर की गई अश्लील क्लिप, नेता ने लगाया शरारती तत्वों पर आरोप.

उन्होंने कहा कि आगरा की सलोनी मंडी में सरसों का भाव 6,300 रुपये क्विन्टल बोला जा रहा है जिससे सरसों तिलहन और सरसों तेल कीमतों में सुधार आया है। जबकि सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली में स्थिरता बनी रही।

बाजार सूत्रों का कहना है कि सरकार को एमएसपी बढ़ाने के साथ स्थानीय किसानों के हितों की रक्षा के लिए सस्ते आयातित तेलों का भी आयात शुल्क बढ़ाकर समुचित प्रबंधन करने की ओर ध्यान देना चाहिये। उन्होंने कहा कि केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर देश में तिलहन उत्पादन को नहीं बढ़ाया जा सकता है बल्कि सस्ते आयातित तेलों को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए आयात शुल्क बढ़ाना चाहिये जिससे स्थानीय तेलों की मांग और खपत बढेगी और बाजार का विस्तार होगा।

तेल तिलहन बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,700 - 5,750 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 5,225- 5,275 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,000 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,965 - 2,015 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 11,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,765 - 1,915 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,885 - 1,995 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,220 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,920 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 9,080 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,900 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,100 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,300 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,550 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 4,270 - 4,295 लूज में 4,140 -- 4,170 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\