एजेंसी न्यूज

जरुरी जानकारी | सरकार की पहल से सरसों में सुधार, सस्ते आयात से मूंगफली तेल में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार की पहल पर सरसों तेल में दूसरे तेलों की मिलावट रोकने का आदेश दिये जाने के बाद दिल्ली तेल तिलहन बाजार में जहां सरसों तेल तिलहन के भाव में सुधार रहा वहीं विदेशों से सस्ते तेलों के आयात और उसके आगे मांग कमजोर होने से मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

जरुरी जानकारी | सरकार की पहल से सरसों में सुधार, सस्ते आयात से मूंगफली तेल में गिरावट

नयी दिल्ली, 26 सितंबर सरकार की पहल पर सरसों तेल में दूसरे तेलों की मिलावट रोकने का आदेश दिये जाने के बाद दिल्ली तेल तिलहन बाजार में जहां सरसों तेल तिलहन के भाव में सुधार रहा वहीं विदेशों से सस्ते तेलों के आयात और उसके आगे मांग कमजोर होने से मूंगफली तेल तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

बाजार सूत्रों के अनुसार सहकारी संस्था नाफेड ने शुक्रवार को सरसों बिक्री के लिए बोली कम लगाये जाने के बाद उन बोलियों को निरस्त कर दिया और अब नाफेड ने महेन्द्रगढ़ हरियाणा में सरसों बिक्री के लिए बोली मांगी है उसमें 5,063 रुपये क्विन्टल की बोली लगाई गई है जिसमें मंडी शुल्क और वारदाना समेत सारे खर्चे शामिल हैं। इन कारणों के अलावा पश्चिम बंगाल में नवरात्र की मांग बढ़ने के कारण सरसों तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुई। दूसरी ओर विदेशों से सस्ते तेलों का आयात बढ़ने और इनके आगे मांग प्रभावित होने से मूंगफली दाना और उसके तेल कीमतों में गिरावट आई।

यह भी पढ़े | Bada Business ‘Retail Ka Mahakumbh’ 2020 Live Streaming: विश्व के सबसे बड़े वेबिनार में डॉ विवेक बिंद्रा देंगे कोरोना काल में बिजनेस बढ़ाने का मंत्र, यहां देखें लाइव.

सूत्रों ने कहा कि सरसों तेल का कोई विकल्प नहीं है इसलिये जानकारों का मानना है कि सरकार और एजेंसियों को स्टॉक बचाकर रखना चाहिये क्योंकि आगे त्यौहारों के अलावा जाड़े में हरी सब्जियों के मौसम में सरसों की मांग बढ़ती है। उन्होंने कहा कि सरकार के ब्लेंडिंग रोकने के फैसले के कारण अगले साल सरसों के उत्पादन में भारी वृद्धि हो सकती है।

उन्होंने कहा कि सूरजमुखी और मूंगफली न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक रहे हैं। इस पर गौर कर सरकार को कोई निदानात्मक उपाय करना चाहिये। इसके अलावा भविष्य में सस्ता आयात बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार को सोयाबीन डीगम पर आयात शुल्क बढ़ाना चाहिये।

यह भी पढ़े | आलू, प्याज, टमाटर के दाम में हुई गिरावट तो सबसे पहले से कर देगा अलर्ट ये Portal.

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 5,500 - 5,550 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना - 4,870- 4,920 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 12,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,855 - 1,915 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,695 - 1,845 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,815 - 1,935 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 11,000 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,750 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,600 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,750 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 7,700 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,300 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 9,100 रुपये।

पामोलीन कांडला- 8,300 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन मिल डिलिवरी भाव 3,770- 3,795 लूज में 3,620 -- 3,670 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 26, 2020 09:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).