जरुरी जानकारी | स्थानीय मांग के कारण सरसों तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मंडियों में आवक की कमी के बीच स्थानीय मांग बढ़ने से दिल्ली बाजार में शनिवार को सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन दाना एवं लूज (तिलहन) के भाव में सुधार आया। नये साल के पहले दिन के जश्न के बीच कारोबारी गतिविधियां सुस्त होने से अन्य सभी तेल-तिलहनों के भाव में स्थिरता रही।
नयी दिल्ली, एक जनवरी मंडियों में आवक की कमी के बीच स्थानीय मांग बढ़ने से दिल्ली बाजार में शनिवार को सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन दाना एवं लूज (तिलहन) के भाव में सुधार आया। नये साल के पहले दिन के जश्न के बीच कारोबारी गतिविधियां सुस्त होने से अन्य सभी तेल-तिलहनों के भाव में स्थिरता रही।
बाजार सूत्रों ने कहा कि देश की मंडियों में आवक घटने और किसानों द्वारा नीचे भाव पर बिकवाली नहीं करने से सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव में सुधार आया। मंडियों में सोयाबीन की आवक घटकर दो लाख बोरी से कम रह गई और तेल मिलों और बड़े कारोबारियों की मांग होने से सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार आया।
सूत्रों ने कहा कि छोटे मिल वालों और बड़े ब्रांड की कंपनियों को सरसों नहीं मिल रही है। इसकी उपलब्धता निरंतर कम होती जा रही है। राजस्थान के भरतपुर की मंडी में शनिवार को सरसों की आवक घटकर मात्र 300-400 बैग रह गई और गुजरात में भी सरसों की आवक 400-500 बोरी रह गई है। जिससे भरतपुर में कीमतों में लगभग 15 रुपये की तेजी आई जिसका असर बाकी स्थानों पर भी हुआ और सरसों तेल-तिलहन के भाव सुधार दर्शाते बंद हुए।
उन्होंने कहा कि सरसों की अगली परिपक्व फसल मार्च में आने के बाद स्थिति बदलेगी। सरसों की बुवाई का रकबा इस बार अधिक होने और 5-10 जनवरी के बीच बरसात की भविष्यवाणी को देखते हुए उत्पादन और उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। जनवरी की बरसात से आगामी फसल आने में थोड़ी देर जरूर होगी, पर उत्पादन के लिए यह काफी अच्छा है। सरकार की तरफ से सहकारी संस्था हाफेड और नेफेड को इस बार सरसों की पर्याप्त खरीद करने और सरसों का 5-7 लाख टन का स्टॉक बनाकर रखने का इंतजाम करना चाहिये।
उन्होंने कहा कि प्लांट वालों को सोयाबीन और बिनौला का कारोबार बेपड़ता बैठता है क्योंकि लागत के मुकाबले बाजार भाव टूटा हुआ है।
सूत्रों ने कहा कि मांग कमजोर होने के बीच सीपीओ और पामोलीन के भाव भी पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाकी तेल-तिलहनों के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 8,020 - 8,050 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 5,645 - 5,730 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 12,500 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,830 - 1,955 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 16,100 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,415 -2,540 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,595 - 2,710 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 16,700 - 18,200 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,700 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,440 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,250
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,750 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,400 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,050 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,000 (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन दाना 6,475 - 6,525, सोयाबीन लूज 6,275 - 6,325 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) 3,850 रुपये।
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