जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में मंदी से सरसों तेल-तिलहन, सोया तेल कीमतों में गिरावट
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच चालू वित्त वर्ष के लिए लेखाबंदी का समय निकट आने के साथ बाजार में कारोबार बेहद सीमित मात्रा में होने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। वहीं घरेलू मांग होने की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार आया। बेहद मामूली कारोबार के बीच सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम तेल सहित बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
नयी दिल्ली, 28 मार्च विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच चालू वित्त वर्ष के लिए लेखाबंदी का समय निकट आने के साथ बाजार में कारोबार बेहद सीमित मात्रा में होने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। वहीं घरेलू मांग होने की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तिलहन कीमतों में सुधार आया। बेहद मामूली कारोबार के बीच सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम तेल सहित बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।
शिकॉगो एक्सचेंज में 2.20 प्रतिशत की गिरावट थी जबकि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग 1.5 प्रतिशत की नरमी दिखी।
बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि ऊंचे भाव पर मांग होने से कच्चा पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन के भाव अपरिवर्तित रहे। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में नरमी और ऊंचे भाव पर लिवाली घटने तथा वार्षिक लेखाबंदी का समय नजदीक होने की वजह से कारोबार बेहद सीमित मात्रा में होने बीच सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम तेल कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं। सोयाबीन दिल्ली के भाव में मामूली गिरावट आई।
सूत्रों ने कहा कि वार्षिक लेखाबंदी का समय पास आने के साथ कारोबार सीमित होने तथा विदेशी बाजारों में आई गिरावट के दबाव में सरसों तेल-तिलहन के भाव भी नुकसान के साथ बंद हुए।
सूत्रों ने कहा कि सरकार की ओर से सहकारी संस्था हाफेड और नेफेड को सरसों की बाजार भाव से खरीद कर स्टॉक बनाकर रखना चाहिये क्योंकि विदेशी तेलों के दाम ऊंचे होने के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों की खरीद करना मुश्किल है।
सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का स्थायी एवं सुरक्षित उपाय देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाना ही हो सकता है।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 7,600-7,650 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली - 6,725 - 6,820 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,750 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,610 - 2,800 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,300 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,415-2,490 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,465-2,565 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,150 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,850 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,600।
सीपीओ एक्स-कांडला- 14,100 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,000 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,600 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 14,350 रुपये (बिना जीएसटी के)।
सोयाबीन दाना - 7,650-7,700 रुपये।
सोयाबीन लूज 7,350-7,450 रुपये।
मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये।
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(The above story first appeared on LatestLY on Mar 28, 2022 08:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

