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जरुरी जानकारी | कमजोर मांग से सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद मिल वालों की मांग कमजोर होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन दाना एवं लूज कीमतों में मामूली गिरावट आई जबकि बाकी सभी खाद्य तेल- तिलहनों के भाव अपरिवर्तित बंद हुए।

जरुरी जानकारी | कमजोर मांग से सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन में गिरावट

नयी दिल्ली, 21 अप्रैल विदेशी बाजारों में तेजी के रुख के बावजूद मिल वालों की मांग कमजोर होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन दाना एवं लूज कीमतों में मामूली गिरावट आई जबकि बाकी सभी खाद्य तेल- तिलहनों के भाव अपरिवर्तित बंद हुए।

सूत्रों ने बताया कि मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में क्रमश: 0.3-0.3 प्रतिशत की तेजी थी। विदेशों की इस तेजी और सस्ता होने तथा किसानों द्वारा मंडियों में कम आवक लाने के बावजूद तेल मिलों की मांग कमजोर रहने से सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन दाना एवं लूज के भाव में मामूली गिरावट दिखी। जबकि आयातित तेलों के ऊंचे भाव के बीच मांग कमजोर रहने से बाकी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

सूत्रों ने बताया कि पिछले साल मंडियों में अप्रैल माह के दौरान सरसों की आवक लगभग 12 लाख बोरी की थी जो इस बार घटकर लगभग सवा छह लाख बोरी रह गई है। सरसों के सस्ता होने से इसका रिफाइंड बनाया जा रहा है जिससे आगे जाकर सरसों में दिक्कत आ सकती है। इस तथ्य को ध्यान में रखकर सहकारी संस्था हाफेड को बाजार भाव से सरसों खरीदकर स्टॉक बनाना चाहिये जो आड़े वक्त देश के काम आ सकता है। पिछले साल किसानों के अलावा तेल मिलों के पास सरसों का 30-35 लाख टन का स्टॉक था लेकिन इस बार स्टॉक एकदम खाली है क्योंकि सरकार के द्वारा ‘स्टॉक लिमिट’ लागू किये जाने के डर से सभी तेल-तिलहन के भंडारण से बच रहे हैं।

विदेशी वनस्पति तेल कंपनियों के इन तेलों के वायदा कारोबार पर भारी छूट की पेशकश के बीच साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) के अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने भी कहा है कि छूट दिये जाने की इस पेशकश के कारण व्यापारी स्टॉक निर्मित करने का जोखिम मोल नहीं लेना चाहेंगे तथा सरकार के ‘स्टॉक लिमिट‘ (स्टॉक रखने की सीमा) लागू करने के कारण खाद्य तेलों की आपूर्ति श्रृंखला को बहाल रखने में रोड़ा अटक रहा है।

बृहस्पतिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 7,515-7,565 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,860 - 6995 रुपये प्रति क्विन्टल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,885 रुपये प्रति क्विन्टल।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,625 - 2,815 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,370-2,445 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,405-2,520 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 16,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 16,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,850 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 7650-7700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 7,350-7,450 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2022 08:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).