जरुरी जानकारी | सरसों में गिरावट, कम आपूर्ति के बीच सोयाबीन, सीपीओ, पामोलीन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरसों की आवक बढ़ने के कारण दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले सरसों तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट आई जबकि आयातित खाद्यतेलों की आपूर्ति कम रहने के बीच सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के भाव मजबूत बंद हुए।

नयी दिल्ली, नौ मार्च सरसों की आवक बढ़ने के कारण दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले सरसों तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट आई जबकि आयातित खाद्यतेलों की आपूर्ति कम रहने के बीच सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के भाव मजबूत बंद हुए।

वहीं ऊंचे भाव पर लिवाल नदारद रहने के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शनिवार को शुक्रवार के मुकाबले सरसों की आवक बढ़कर लगभग नौ लाख बोरी (कट्टा) हो गई।

आयातित तेलों की आपूर्ति कम रहने से तथा त्यौहारों की वजह से सरसों तेल की मांग है। इन वजहों से इसके तेल तिलहन के दाम मजबूत हो गये। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद है कि अगले 10-15 दिनों में सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों की खरीद शुरु कर दे।

सूत्रों ने कहा कि आयात कम होने की वजह से सोयाबीन डीगम की बेहद कम आपूर्ति की स्थिति है। पाम, पामोलीन का आयात कम होने का भी दवाब सोयाबीन तेल पर ही है। इसे देखते हुए ऐसी उम्मीद है कि आयातित सोयाबीन तेल प्रीमियम के साथ बिकना जारी रहेगा। कम आपूर्ति की स्थिति के बीच सोयाबीन तेल तिलहन के दाम में भी मजबूती रही।

उन्होंने कहा कि एक अजीब बिडंबना है कि सस्ते माने जाने वाले आयातित खाद्यतेल बंदरगाहों पर प्रीमियम के साथ बिक रहे हैं, वहीं देशी सूरजमुखी, सरसों, मूंगफली, बिनौला आदि को नुकसान में बेचा जा रहा है।

सूत्रों ने कहा कि महंगा होने के कारण मूंगफली तेल तिलहन का बिकना दूभर है और इसका कोई लिवाल ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को कपास गांठों की आवक 72 हजार गांठ की रही थी, जो शुक्रवार को घटकर लगभग 52 हजार गांठ रह गई थी। शनिवार को एक बार फिर कपास की आवक बढ़कर लगभग 65 हजार गांठ हो गयी। ऐसा प्रतीत होता है कि बिनौले की कमी की भरपाई का दवाब भी सोयाबीन तेल पर ही रहेगा।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,400-5440 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,975-6,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,180-2,455 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,325 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,745-1,845 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,745 -1,850 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,125 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,125 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,225 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,610-4,630 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,410-4,450 रुपये प्रति क्विंटल।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\