नयी दिल्ली, छह नवंबर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शहर में गंभीर वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए अपनी शीतकालीन कार्य योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की निगरानी के वास्ते एक समिति का गठन किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
निगरानी समिति अपने क्षेत्राधिकार में खुले में आग लगाने, अवैध निर्माण तथा तोड़फोड़ से निकले मलबे के निस्तारण और सड़कों पर धूल के मामले को रोकने के लिए नगर निगम द्वारा सुझाये गये उपायों के कार्यान्वयन की जांच करेगी।
महापौर शेली ओबेरॉय ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘एमसीडी ने अपने 12 क्षेत्रों में क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (जीआरएपी) के चौथे चरण के प्रतिबंधों को लागू करने का निर्देश दिया है। हमने एक निगरानी टीम का गठन किया है जो जमीनी स्तर पर निरीक्षण टीम द्वारा किए जा रहे काम को देखरेख।’’
नगर निगम ने अपनी शीतकालीन कार्य योजना को लागू करने के लिए 1,119 अधिकारियों सहित 517 निगरानी टीम का गठन किया है।
ओबेरॉय ने बताया कि नगर निकाय ने 13 ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक सबसे अधिक है और इन क्षेत्रों में वायु प्रदूषण को रोकने पर काम किया जा रहा है।
अवैध निर्माण तथा तोड़फोड़ से निकले मलबे के निस्तारण और खुले में आग लगाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसका उल्लंघन करने पर 25,000 रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
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