देश की खबरें | मुंबई, उपनगरों के तापमान में विविधताएं; शहर में बन रहे अलग-अलग तापमान वाले छोटे क्षेत्र: अध्ययन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई और आस-पास के उपनगरों के कुछ हिस्सों में मार्च के महीने में तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस तक का खतरनाक अंतर दिखाई दिया। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आयी।
मुंबई, 31 मार्च मुंबई और आस-पास के उपनगरों के कुछ हिस्सों में मार्च के महीने में तापमान में 13 डिग्री सेल्सियस तक का खतरनाक अंतर दिखाई दिया। एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आयी।
अध्ययन से यह पता चलता है कि मुंबई व उसके आस-पास के शहरी इलाकों का तापमान कम विकसित व हरित क्षेत्रों के तापमान की तुलना में काफी ज्यादा दर्ज किया गया।
‘रेस्पिरर लिविंग साइंसेज’ के एक अध्ययन के अनुसार, शहर में अलग-अलग तापमान वाले छोटे-छोटे क्षेत्र तेजी से बन रहे हैं। अध्ययन में बढ़ते तापमान की स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय रूप से योजना तैयार करने का आह्वान किया गया है।
एक मार्च से 22 मार्च के बीच, वसई वेस्ट और घाटकोपर में क्रमशः 33.5 डिग्री सेल्सियस और 33.3 डिग्री सेल्सियस औसत तापमान दर्ज किया गया जबकि हरित क्षेत्र व कम आबादी वाले पवई में तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अध्ययन के मुताबिक,“यह विश्लेषण एक ही शहर के भीतर 13.1 डिग्री सेल्सियस के अंतर को दर्शाता है।”
‘रेस्पिरर लिविंग साइंसेज’ के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोनक सुतारिया ने कहा, “हम मुंबई जैसे शहरों के भीतर बहुत तेजी से अलग-अलग तापमान वाले छोटे-छोटे क्षेत्र बनते देख रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि तापमान के बीच में ये अंतर केवल पन्नों पर नहीं बल्कि लोगों में दिखाई दे रहा है, जो अधिक तनाव और संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के शिकार हो रहे हैं।
सुतारिया ने कहा कि ये समस्याएं विशेष रूप से कम हवादार या फिर ऊंची-ऊंची इमारतें बनने से है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 22 केंद्रों से जुटाए गये आंकड़ों के अनुसार, वसई वेस्ट जहां 33.5 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सूची में शीर्ष स्थान पर है, वहीं घाटकोपर और कोलाबा (दक्षिण मुंबई) क्रमश: 33.3 डिग्री सेल्सियस और 32.4 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर है।
इसके ठीक विपरीत पवई में 20.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि चकाला (अंधेरी ईस्ट) में 23.4 डिग्री सेल्सियस और चेम्बूर में तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
सुतारिया ने कहा, “मुंबई में अलग-अलग तापमान वाले छोटे-छोटे क्षेत्र बन रहे हैं और आंकड़ों को झुटलाया नहीं जा सकता। इसका मतलब सिर्फ यह नहीं है कि गर्मी बहुत ज्यादा हो रही है। इसका मतलब यह है कि आपके आस-पास में रहने वाले लोगों को बहुत ज्यादा गर्मी का सामना करना पड़ेगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव जन स्वास्थ्य पर पड़ेगा।”
सुतारिया ने क्षेत्रों पर नजर रखकर पूर्वानुमान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “हम मुंबई को एक ताप केंद्र के रूप में नहीं मान सकते। हमारे प्रयास , पौधारोपण अभियान से लेकर गर्मी को लेकर कार्य योजना तक, सभी इन छोटे-छोटे क्षेत्रों से मिले आंकड़ों के आधार पर तैयार किये जाने चाहिए। हरित क्षेत्रों, परावर्तक सतहों और जिम्मेदार तरीके से इमारतों का निर्माण स्वस्थ शहरों को बनाने के लिए समाधान का हिस्सा हैं।”
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