देश की खबरें | मुडा ‘‘घोटाला’’: मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की भाजपा की मांग खारिज की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मुआवजे के तौर पर मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) द्वारा भूखंड आवंटित करने में कथित फर्जीवाड़े की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मांग को बुधवार को खारिज कर दिया।
मैसुरु (कर्नाटक), 10 जुलाई कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मुआवजे के तौर पर मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (मुडा) द्वारा भूखंड आवंटित करने में कथित फर्जीवाड़े की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराए जाने की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मांग को बुधवार को खारिज कर दिया।
भाजपा का आरोप है कि मुडा ने उन लोगों को मुआवजे के तौर पर भूखंड वितरित करने में अनियमितता बरती जिनकी जमीन का ‘‘अधिग्रहण’’ किया गया है। मुआवजे के तौर पर भूखंड प्राप्त करने वालों में सिद्धरमैया की पत्नी समेत पार्वती भी शामिल हैं।
सिद्धरमैया ने भाजपा पर ऐसी बात का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया, जो कोई ‘‘मुद्दा ही नहीं’’ है।
भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष वी. वाई. विजयेंद्र ने दिन में कहा था कि मुडा द्वारा जिन किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है उन्हें भूखंड आवंटित करने में कथित फर्जीवाड़ा करने के खिलाफ 12 जुलाई को सिद्धरमैया के गृह जिले मैसुरु में ‘विशाल’ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
भाजपा ने आरोप लगाया कि पार्वती को मैसुरु के एक ‘पॉश’ इलाके में मुआवजे के तौर पर ऐसा भूखंड आवंटित किया गया जिसका मूल्य उनकी उस जमीन की तुलना में अधिक था जिसका मुडा ने ‘‘अधिग्रहण’’ किया था।
मुडा ने पार्वती को उनकी तीन एकड़ से अधिक क्षेत्रफल की जमीन के बदले में 50:50 अनुपात योजना के तहत भूखंड आवंटित किए थे। इस विवादास्पद योजना के तहत अधिग्रहीत अविकसित भूमि के बदले में भूमि देने वाले को 50 प्रतिशत विकसित भूमि आवंटित करने की परिकल्पना की गई है।
सिद्धरमैया ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘दो मुद्दे हैं, एक तो यह है कि अक्टूबर में ही मुडा को 50:50 अनुपात वाली योजना के तहत जगह नहीं देने को कहा गया था, लेकिन उसके बावजूद उन्हें दी गयी, जिसकी जांच दो आईएएस अधिकारी कर रहे हैं और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दूसरा, वे (भाजपा) मेरी पत्नी को दी गई जगह को मुद्दा बनाना चाहते हैं, यह कोई मुद्दा ही नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘क्या हमने विजयनगर में जमीन दिए जाने की मांग की थी? हमने नहीं की थी। हमारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया। अगर आपकी जमीन पर कब्जा कर लिया जाए तो आप क्या करेंगे? क्या आप दावा नहीं करेंगे? इस मामले में यही हुआ है। हमने अपनी जमीन के लिए मुआवजा मांगा था और उन्होंने (मुडा ने) विजयनगर में जमीन दी और उन्होंने बैठक में स्वीकार किया कि हमारी जमीन का अवैध रूप से अधिग्रहण किया गया जो गलत था।’’
मुख्यमंत्री ने भाजपा के प्रस्तावित विरोध को ‘‘राजनीतिक’’ करार देते हुए कहा कि अगर वे विधानसभा में इस मुद्दे को उठाते हैं, तो ‘‘हम इसका जवाब देंगे।’’
उन्होंने भाजपा द्वारा सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर कहा, ‘‘क्या हमारी पुलिस जांच नहीं कर सकती? हमारी पुलिस किस लिए है? मैंने अपनी सरकार के दौरान सीबीआई को कई मामले सौंपे हैं, क्या उन्होंने (भाजपा ने) सत्ता में रहते हुए कोई मामला सौंपा? सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद कर्नाटक में डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) थे, हमारी पुलिस जांच करने की काबिलियत रखती है।’’
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