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देश की खबरें | एमयूडीए मामला: सुरजेवाला ने भाजपा पर 'फर्जी प्रचार' का आरोप लगाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एमयूडीए मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ झूठे आरोप गढ़ने का सोमवार को आरोप लगाया। उन्होंने मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नोटिस को रद्द करने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया।

देश की खबरें | एमयूडीए मामला: सुरजेवाला ने भाजपा पर 'फर्जी प्रचार' का आरोप लगाया

बेंगलुरु, 21 जुलाई कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एमयूडीए मामले में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ झूठे आरोप गढ़ने का सोमवार को आरोप लगाया। उन्होंने मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के नोटिस को रद्द करने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया।

मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले ने ईडी-भाजपा साझेदारी के "फर्जी प्रचार" को उजागर कर दिया।

कांग्रेस नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "भाजपा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ एमयूडीए को लेकर झूठे आरोप गढ़े! भाजपा ने एमयूडीए को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ महीनों तक विरोध प्रदर्शन किया! भाजपा ने राज्यपाल के कार्यालय का दुरुपयोग किया और एमयूडीए को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी के खिलाफ ईडी का इस्तेमाल किया! भाजपा ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से एमयूडीए को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पर झूठे आरोप लगाए।"

उन्होंने कहा, "आज उच्चतम न्यायालय और इससे पहले उच्च न्यायालय ने ईडी-भाजपा साझेदारी के फर्जी प्रचार को खारिज कर दिया है। सत्य की जीत हुई है! सत्यमेव जयते।"

मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) मामला मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती सिद्धरमैया को आवंटित भूमि में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

यह आरोप लगाया गया था कि मैसूरु के एक उच्चस्तरीय क्षेत्र में पार्वती को हर्जाने के तौर पर दिए गए भूखंड का मूल्य उनके उस भूखंड की तुलना में अधिक था, जिसे एमयूडीए ने "अधिग्रहित" किया था।

ईडी ने दोनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत नोटिस जारी किए थे, जिन्हें बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।

ईडी ने विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) के माध्यम से उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 21, 2025 04:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).