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मप्र ने प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों की सीमाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की

प्रदेश के जनसंपर्क व़िभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मुख्यत: महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान से मजदूर उत्तरप्रदेश जाने के लिये मध्यप्रदेश से गुजरते है। ऐसे लगभग 10 हजार मजदूरों को मध्यप्रदेश की सीमा से बसों से उत्तरप्रदेश की सीमा तक पहुँचाया गया है। इन सभी मजदूरों के भोजन और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।

मप्र ने प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों की सीमाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की
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भोपाल, 13 मई कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लागू होने के बाद मध्यप्रदेश ने सीमावर्ती राज्यों से आने वाले प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्यों की सीमाओं तक बसों से पहुँचाने की व्यवस्था की है।

प्रदेश के जनसंपर्क व़िभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि मुख्यत: महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान से मजदूर उत्तरप्रदेश जाने के लिये मध्यप्रदेश से गुजरते है। ऐसे लगभग 10 हजार मजदूरों को मध्यप्रदेश की सीमा से बसों से उत्तरप्रदेश की सीमा तक पहुँचाया गया है। इन सभी मजदूरों के भोजन और स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।

मध्यप्रदेश सरकार के विशेष प्रयासों से यह व्यवस्था चल रही है। इस पर राज्यस्तरीय कंट्रोल रूम द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के करीब दो लाख 68 हजार 601 श्रमिक अब तक प्रदेश में वापस आ चुके हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर अन्य राज्य से आने वाले श्रमिकों को घर पहुँचाने के लिये मंगलवार से 375 से अधिक अतिरिक्त बसें लगायी गयी हैं। प्रतिदिन 642 बसें चल रही हैं।

महाराष्ट्र की ओर से आने वाले श्रमिकों को सेंधवा बॉर्डर पर भोजन की व्यवस्था की गई है और लगभग 100 बसों द्वारा उन्हें देवास तक पहुँचाया गया। बुधवार को भी 110 बसें भेजी जा रही हैं जिनसे करीब 4,400 मजदूर रवाना किये गये।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ने मजदूरों के पैदल चलने की घटनाओं को अत्यंत गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए निर्देश दिये थे कि प्रदेश की सीमा में कोई भी मजदूर भूखा नहीं रहना चाहिए और ना ही उसे पैदल चलना पड़े। मजदूरों की वापसी के लिये राज्यस्तर पर 250 लाइनों का एक नियंत्रण कक्ष भी कार्यरत है जिससे फोन नम्बर 0755-2411180 से सम्पर्क किया जा सकता है।

आंकड़ों के अनुसार विभिन्न प्रदेशों से प्रतिदिन लगभग सात हजार मजदूर मध्यप्रदेश की सीमाओं पर पैदल पहुँच रहे है।

दिमो

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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 08:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).