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जरुरी जानकारी | विदेशों में मिले जुले रुख के बीच अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट, सोयाबीन दाना में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच आयात शुल्क कम होने की अफवाह से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन, सीपीओ और पामोलीन सहित विभिन्न तेल-तिलहनों के भाव गिरावट आयी। बाकी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर ही बने रहे जबकि मांग निकलने से सोयाबीन दाना और लूज के भाव लाभ के साथ बंद हुए।

जरुरी जानकारी | विदेशों में मिले जुले रुख के बीच अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट, सोयाबीन दाना में सुधार

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर विदेशी बाजारों में गिरावट के रुख के बीच आयात शुल्क कम होने की अफवाह से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सोयाबीन, सीपीओ और पामोलीन सहित विभिन्न तेल-तिलहनों के भाव गिरावट आयी। बाकी तेल-तिलहनों के भाव पूर्वस्तर पर ही बने रहे जबकि मांग निकलने से सोयाबीन दाना और लूज के भाव लाभ के साथ बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने कहा कि खाद्यतेलों के आयात शुल्क कम होने की अफवाह से बाजार टूटता दिखाई दिया और सोयाबीन तेल, सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में गिरावट आई। मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के कारण भी इन तेलों के भाव टूट गये।

इस बीच सूत्रों ने कहा कि सरकार ने शुल्क गणना के लिए डॉलर- रुपये की विनिमय दर को बढ़ा दिया है। लेकिन चूंकि विदेशों में भाव गिरे हैं इसलिए यहां भी भाव टूटते दिखाई दिये।

उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में 0.55 प्रतिशत की गिरावट थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में लगभग 0.2 प्रतिशत गिरावट रही। कमजोरी के इस रुख का सीधा असर स्थानीय तेल-तिलहन कीमतों पर भी दिखाई दिया और इसके साथ शुल्क कम होने की अफवाह की वजह से अधिकांश खाद्यतेलों के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।

सूत्रों ने सोयाबीन के संदर्भ में कहा कि किसान नीचे भाव में अपना माल निकालने से कतरा रहे हैं। लेकिन अफवाह से सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई जबकि मांग निकलने से सोयाबीन दाना और लूज की कीमतों में सुधार आया।

सरसों की कमी की वजह से हरियाणा में 80-85 प्रतिशत पेराई मिलें बंद हो चुकी हैं। देश भर में सरसों की आवक बृहस्पतिवार को एक लाख 25 हजार बोरी की हुई है। उन्होंने कहा कि एनसीडीईएक्स के वायदा कारोबार में अक्टूबर डिलिवरी अनुबंध की कीमत हाजिर भाव से 118 रुपये टूटने के बावजूद इस गिरावट का हाजिर भाव पर कोई असर नहीं है।

अफवाहों के कारण बिनौला तेल में भी गिरावट रही जबकि सामान्य कारोबार के बीच सरसों और मूंगफली के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 8,860 - 8,885 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 6,410 - 6,495 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,650 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,180 - 2,310 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 17,750 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,695 -2,745 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,780 - 2,890 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,500 - 18,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,600 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,300 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,180

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,920 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,700 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,400 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 12,250 (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन दाना 5,850 - 6,150, सोयाबीन लूज 5,625 - 5,725 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये।

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(The above story first appeared on LatestLY on Oct 07, 2021 08:23 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).