जरुरी जानकारी | सावन की मांग बढ़ने से अधिकांश तेल-तिलहन में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सावन के मौसम में खाद्यतेलों की मांग बढ़ने के बीच घरेलू तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम में सुधार आया और सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम शुक्रवार के मुकाबले मामूली सुधार के साथ बंद हुए। ऊंचे दाम की वजह से डीआयल्ड केक (डीओसी) की कमजोर मांग के कारण सोयाबीन तिलहन तथा पामोलीन से मंहगा होने की वजह से कमजोर कामकाज के बीच बिनौला तेल के दाम अपरिवर्तित रहे।
नयी दिल्ली, 12 जुलाई सावन के मौसम में खाद्यतेलों की मांग बढ़ने के बीच घरेलू तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को अधिकांश तेल-तिलहनों के दाम में सुधार आया और सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल के दाम शुक्रवार के मुकाबले मामूली सुधार के साथ बंद हुए। ऊंचे दाम की वजह से डीआयल्ड केक (डीओसी) की कमजोर मांग के कारण सोयाबीन तिलहन तथा पामोलीन से मंहगा होने की वजह से कमजोर कामकाज के बीच बिनौला तेल के दाम अपरिवर्तित रहे।
सूत्रों ने कहा कि कच्ची घानी के बड़ी तेल मिलों की मांग बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन के दाम में सुधार है। इसके अलावा सावन के मौसम में मांग बढ़ने से भी सरसों में सुधार को बल मिला। वहीं इसी मांग के बढने की वजह से मूंगफली तेल-तिलहन में भी सुधार आया।
उन्होंने कहा कि मूंगफली के दाम सोयाबीन की ही तरह, पहले से ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से लगभग 15 प्रतिशत नीचे है। नीचे दाम होने से भी मूंगफली की मांग निकली है। जबकि आयात लागत से नीचे दाम पर बिकवाली होने से मांग निकलने के कारण सोयाबीन तेल कीमतों में भी सुधार आया। वैसे अगले लगभग दो-ढाई महीने में सोयाबीन और मूंगफली की फसल आने वाली है। पहले का स्टॉक भी बचा हुआ है जिसकी वजह से किसान और स्टॉकिस्ट दोनों बिकवाल हैं। आगामी फसल के बाद की स्थिति से निपटने के लिए तैयारी अभी से की जानी चाहिये।
नरम तेलों (सॉफ्ट आयल) में सरसों, सूरजमुखी से सस्ता होने के कारण सोयाबीन तेल की मांग होने से सोयाबीन तेल कीमतों में सुधार है। दूसरी ओर ऊंचे दाम वाले डीओसी की कमजोर मांग से सोयाबीन तेल अपरिवर्तित रहे।
सूत्रों ने कहा कि रात शिकागो एक्सचेंज मजबूत बंद होने तथा कुछ मांग निकलने से पाम-पामोलीन तेल के दाम भी सुधार के साथ बंद हुए। बेहद सुस्त कामकाज के बीच बिनौला तेल के दाम भी स्थिर बने रहे।
तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:
सरसों तिलहन - 7,050-7,100 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली - 5,800-6,175 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।
मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,260-2,560 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,640-2,740 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,640-2,775 रुपये प्रति टिन।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,700 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,500 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,775 रुपये प्रति क्विंटल।
सीपीओ एक्स-कांडला- 10,850 रुपये प्रति क्विंटल।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,800 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,600 रुपये प्रति क्विंटल।
पामोलिन एक्स- कांडला- 11,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।
सोयाबीन दाना - 4,350-4,400 रुपये प्रति क्विंटल।
सोयाबीन लूज- 4,050-4,150 रुपये प्रति क्विंटल।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2025 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

