जरुरी जानकारी | कम आपूर्ति के बीच ज्यादातर तेल-तिलहन कीमतें मजबूत, मूंगफली में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आयातित खाद्यतेलों की कम आपूर्ति की स्थिति के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूत बंद हुए। वहीं ऊंचे भाव पर कम लिवाली के बीच मूंगफली तेल-तिलहन गिरावट रही।

नयी दिल्ली, आठ मार्च आयातित खाद्यतेलों की कम आपूर्ति की स्थिति के बीच दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम मजबूत बंद हुए। वहीं ऊंचे भाव पर कम लिवाली के बीच मूंगफली तेल-तिलहन गिरावट रही।

शिकॉगो एक्सचेंज रात 2.5 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत रहा था जबकि फिलहाल यहां सुधार है। मलेशिया एक्सचेंज में भी सुधार रहा।

बाजार सूत्रों ने कहा कि पिछले लगभग पांच-छह महीने से लगातार बंदरगाह पर आयातित तेल लागत से लगभग 70-80 डॉलर प्रति टन (5-7 रुपये किलो) नीचे दाम पर बेचा जा रहा था और लगातार कम आपूर्ति की स्थिति के बारे में आगाह किया जा रहा था। यह भी कहा जा रहा था कि सॉफ्ट आयल (सोयाबीन डीगम और सूरजमुखी तेल) के आयात में कम से कम 45-60 दिन लगते हैं तब कुछेक विशेषज्ञों का मानना था कि पाइपलाईन में पर्याप्त खाद्य तेल हैं और आपूर्ति की कोई दिक्कत नहीं होगी। अब इन विशेषज्ञों को बताना चाहिये कि वह पाइपलाईन का खाद्यतेल कहां है?

उन्होंने कहा कि इस पूरी स्थिति का फायदा सिर्फ कुछेक बहुराष्ट्रीय खाद्यतेल कंपनियों को हो रहा है जिनके विदेशों में सोयाबीन प्रसंस्करण संयंत्र हैं। इन विशेषज्ञों और संगठनों को बताना चाहिये कि अगर खाद्यतेलों का पर्याप्त स्टॉक था तो आयातित सोयाबीन डीगम तेल आज लगभग 10 प्रतिशत प्रीमियम दाम पर क्यों बेचा जा रहा है?

सूत्रों ने कहा कि आज कपास की आवक पहले के 70-72 हजार गांठ से घटकर 52 हजार गांठ रह गया। इसकी अधिकांश फसल बाजार में आ चुकी है जिससे अगली फसल आने से पहले बिनौला तेल की कमी भी बनी रही सकती है। इसके अलावा लगभग सभी देशी तिलहन (सरसों, मूंगफली, सोयाबीन, बिनौला, सूरजमुखी) न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बाजार में बिक रहे हैं जो तेल तिलहन मामले में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिहाज से कोई अच्छा संकेत नहीं है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,415-5455 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,975-6,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,180-2,455 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 10,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,750-1,850 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,750 -1,855 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,650 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,200 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,600-4,620 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,400-4,440 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,075 रुपये प्रति क्विंटल।

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