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जरुरी जानकारी | कमजोर मांग से ज्यादातर तेल-तिलहन के दाम टूटे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मांग कमजोर रहने के बीच मंगलवार को देश के प्रमुख बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट रही तथा मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें गिरावट दर्शाती बंद हुई। सामान्य कारोबार के बीच सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।

जरुरी जानकारी | कमजोर मांग से ज्यादातर तेल-तिलहन के दाम टूटे

नयी दिल्ली, 19 नवंबर मांग कमजोर रहने के बीच मंगलवार को देश के प्रमुख बाजारों में अधिकांश तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट रही तथा मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतें गिरावट दर्शाती बंद हुई। सामान्य कारोबार के बीच सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम पूर्वस्तर पर ही बंद हुए।

शिकॉगो एक्सचेंज में घट-बढ़ का रुख चल रहा है जबकि मलेशिया एक्सचेंज में सुधार का रुख है।

सूत्रों ने कहा कि आवक का दबाव बढ़ने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट देखने को मिली। जबकि मांग कमजोर रहने के कारण सोयाबीन तेल कीमतों में गिरावट आई। मलेशिया एक्सचेंज में सुधार के रुख के बावजूद ऊंचे भाव पर लिवाली कमजोर रहने के कारण सीपीओ और पामोलीन तेल के दाम में भी गिरावट रही।

सूत्रों ने कहा कि आज वायदा कारोबार में बिनौला खल का दाम 48 रुपये क्विंटल और टूटा है। भारतीय कपास निगम (सीसीआई) रोजाना कपास नरमा से गिनिंग के बाद निकलने वाले बिनौला तिलहन का दाम निरंतर घटा रहा है। कपास का उत्पादन कम होने के बीच आने वाले महीनों में बिनौला तेल की आपूर्ति बरकरार रखने के लिए जरूरी है कि इस बिनौला तिलहन का स्टॉक बचाकर रखा जाये। सटोरिये निरंतर वायदा कारोबार में दाम तोड़ रहे हैं। संभवत: उनकी मंशा सीसीआई के कम दाम वाले बिनौला तिलहन का स्टॉक करना है। यह एक संयोग की बात है कि जो सटोरिये अब किसानों से फायदा नहीं ले पा रहे हैं उन्हें भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के कम दाम वाले बिनौला तिलहन की बिकवाली से काफी मदद मिल रही है। सीसीआई को आने वाले दिनों की मांग को पूरा करने के लिए बिनौला का स्टॉक जमा रखना चाहिये और उचित लाभकारी कीमत मिलने के समय इसे बेचना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि यदि बिनौला खल के भाव वायदा कारोबार में टूटते जा रहे हैं तो इस हिसाब से दूध और दुग्ध उत्पादों के दाम भी कम होना चाहिये क्योंकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने में बिनौला खल की अहम भूमिका है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,600-6,650 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,575-6,850 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,300-2,600 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,285-2,385 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,285-2,410 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,150 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,200 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,550 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,500-4,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,200-4,235 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,100 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Nov 19, 2024 08:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).